उपमुख्यमंत्री का पद संभालते ही सूमो ने किया ऐलान- सबूत मिला तो किसी को नहीं छोडूंगा

राजनीति

बिहार के नये उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपना पदभार संभाल लिया है। उन्होंने वित्त विभाग का पद ग्रहण कर लिया है। मोदी ने सचिवालय के उपमुख्यमंत्री के चेंबर में पदभार ग्रहण किया है। इस मौके पर विभाग के वरीय अधिकारी भी मौजूद थे। पदभार संभालते ही सबसे पहले सुशील मोदी ने कहा कि बदले की भावना से वह काम नहीं करेंगे। मगर किसी के खिलाफ कोई सबूत मिला तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
बता दें कि महागठबंधन समीकरण को पलटते हुए जनता दल यूनाइटेड (जद यू) प्रमुख व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी का दामन एक बार फिर थाम लिया है। 2014 में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के साथ बिहार में सरकार बनाई थी, जिसके बाद एक बार फिर नीतीश कुमार ने उनका साथ छोड़ बीजेपी के साथ सरकार बनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया। 27 जुलाई 2017 को नीतीश कुमार ने 6वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण किया।

वहीं उपमुख्यमंत्री पद के लिए सुशील कुमार मोदी ने शपथ ग्रहण किया। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता सुशील कुमार मोदी जितना राजनीति में सक्रिय है उतना ही सोशल मीडिया में अपनी उपस्थिति बराबर बनाये रहते हैं। छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय सुशील कुमार मोदी 1971 में पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के 5 सदस्यीय कैबिनेट के सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

1973-1977 में मोदी पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के महामंत्री बने उसी वर्ष लालू प्रसाद यादव अध्यक्ष और रविशंकर प्रसाद संयुक्त सचिव चुने गये थे। मोदी एवं आंदोलन सुशील कुमार मोदी छात्र जीवन से एक आंदोलनकारी छात्र रहे हैं। 1972 में मोदी पहली बार छात्र आंदोलन के दौरान 5 दिन जेल में रहे। जेपी आंदोलन एवं आपातकाल के दौरान 1974 में उनको 5 बार मीसा में गिरफ्तार किया गया। आपातकाल के 19 महीने की जेल यात्रा को मिलाकार मोदी 24 महीने जेल में रहे।

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