आनंद के सुपर 30 में अब पढ़ेंगे 90 बच्चे, पापड़ बेच की पढ़ाई तो आया गरीब बच्चों को पढ़ाने का आइडिया

एक बिहारी सब पर भारी प्रेरणादायक बिहारी जुनून

आईआईटी परीक्षा में पटना के आनंद सुपर 30 संस्थान के 26 छात्रों ने कामयाबी हासिल की है। इनमें दो मजदूर के बेटे और एक सेल्समैन का बेटा भी शामिल है। छात्रों की सफलता से उत्साहित आनंद कुमार ने कहा कि अगले साल सुपर 30 का आकार बढ़ाया जाएगा और इसमें 90 छात्रों को कोचिंग दी जाएगी। जल्द ही इसके लिए देशभर में एक टेस्ट लिया जाएगा। वेबसाइट पर इससे जुड़ी जानकारी अपलोड की जाएगी।

 

आनंद कुमार ने कहा कि यह देखना बेहद संतोषजनक है कि पिछड़े क्षेत्रों से आए बच्चों की मेहनत रंग लाई है। यह बच्चे ऐसे क्षेत्रों से हैं जहां अभी विकास नहीं पहुंच सका है और जिंदगी संघर्षमय है। घोर अभाव और पिछड़ेपन में रहे बच्चों की सफलता से काफी खुशी मिलती है। ऐसे छात्रों को आईआईटी में सफलता पाना राहत पहुंचाता है। यह छात्रों के कठिन परिश्रम का नतीजा है।

आनंद कुमार ने साल 2002 में सुपर 30 शुरु की थी। इसमें वह पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को मुफ्त में आईआईटी की कोचिंग देते हैं।सुपर 30 से अब तक 450 से ज्यादा छात्र आईआईटी और देश के अन्य प्रतिष्ठित तकनीक संस्थानों में एडमिशन पा चुके हैं।

 

आनंद कुमार की जिंदगी बेहद संघर्षों में बीती थी। उन्होंने बताया था कि जब वह छोटे थे जब उनके पिता कि मौत हो गई थी। परिवार चलाने के लिए भाई के साथ घूम-घूमकर पापड़ बेचे थे। तंगी की वजह से पढ़ने के लिए विदेश नहीं जा सके।

कठिन दौर से गुजरते समय ही आनंद कुमार को सुपर 30 का आइडिया आया था। आनंद कहते हैं कि जिस तरह पैसों के अभाव में पढ़ाई में मुझे दिक्कत हुई, किसी और को दिक्कत नहीं हो इसलिए बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने की योजना बनाई।

आनंद कुमार का दावा है कि इस काम के लिए अब तक उन्होंने किसी प्रकार का अनुदान नहीं लिया है। कई बड़े उद्योगपतियों के दान को भी उन्होंने ठुकराया है। इन्हीं खासियतों के कारण ‘सुपर 30’ पर एक फिल्म भी बन रही है। इसमें ऋतिक रोशन और आनंद का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म अगले साल 25 जनवरी को रिलीज होगी।

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