आज कर्क राशि में प्रवेश करेगा सूर्य, पांच दशक बाद बना है सावन में महासंयोग

आस्था

सावन की शुरुआत और अंत सोमवार को हो रही है। इससे पूरे महीने का महत्व काफी बढ़ गया है। इतना ही नहीं इस बार हर सोमवारी अपने खास दिन लेकर आया है।

आज दूसरी सोमवारी है और कर्क संक्रांति है। इस दिन भगवान सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषों की मानें, तो कर्क के स्वामी चंद्रमा होते हैं। भगवान शिव के सिर पर भी चंद्रमा विराजमान हैं।
ऐसे में सोमवार के दिन भगवान सूर्य के कर्क राशि में जाने से अमृत जय योग बन रहा है। इस महासंयोग पर भगवान शिव पर जलाभिषेक करने का बहुत महत्व है। यह महासंयोग लगभग पांच दशक के बाद बन रहा है।
वहीं, राजधानी पटना के तमाम मंदिर सज कर तैयार हैं। हर मंदिर को अपने-अपने तरीके से सजाया गया है। कहीं पर फूलों से, तो कहीं पर रंगीन बल्ब से मंदिरों को सजाया गया है।
हर सोमवारी पर भगवान शिव के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। पहली सोमवारी पर जहां भगवान शिव के महामायाधारी रूप की पूजा हुई थी। वहीं, दूसरी सोमवारी पर भगवान के महाकालेश्वर रूप की पूजा होगी। गोला रोड के ज्योतिष शंभु नाथ ने बताया कि सोमवार चंद्रमा का दिन होता है।
शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजते हैं। दूसरी सोमवारी को ऐसा ही संयोग हो रहा है। इस दिन आक के फूल, इत्र, जल, दूध, अनार का रस और कच्चे नारियल के पानी से भगवान शिव का अभिषेक करनी चाहिए। इससे भगवान प्रसन्न होंगे।

भक्तजनों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिये शिवालयों में कतार की व्यवस्था की गयी है। मंदिरों के तमाम गेटों को सुबह ही खोल दिया गया है। मां सिद्धेश्वरी काली मंदिर, बांस घाट के पुजारी शैलेंद्र जी ने बताया कि मंदिर सुबह चार बजे खोल दिया गया। लोग सुबह से ही जलाभिषेक कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव पर जलाभिषेक और पूजन से शिव और शक्ति दोनों ही प्रसन्न होते हैं। इसी तरह पटना जंक्शन के महावीर मंदिर, खाजपुरा के शिवमंदिर, बोरिंग रोड के शिवमंदिर, कंकड़बाग के जलेश्वर मंदिर व पंच शिवमंदिर सहित कई मंदिरों में सोमवारी को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

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