Track पर 10 मिनट तक घूमने के बाद लिया खतरनाक फैसला, सुसाइड से पहले बार-बार सिर पर हाथ मार रहे थे मुकेश

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बक्सर के डीएम मुकेश पांडेय सुसाइड से पहले करीब 10 मिनट तक रेलवे track पर टहले और बार-बार सिर पर हाथ मारते रहे। घटनास्थल के पास खड़ी मालगाड़ी के गार्ड ने इस बात का खुलासा किया।

गार्ड ने जीआरपी सीओ रणधीर सिंह को जांच के दौरान बताया कि हाव-भाव से वे परेशान लग रहे थे। घटना की सूचना पर सबसे पहले पहुंचे जीआरपी के सिपाही महेश चंद ने बताया कि डीएम ने अपनी गर्दन track पर रखी, जिससे ट्रेन आते ही उनका सिर अलग हो गया। बॉडी सिर से करीब 5 मीटर दूर मिली।

जेब में मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अपना परिचय लिखा था। शुक्रवार को डॉक्टर आरपी सिंह और प्रदीप यादव ने पोस्टमार्टम किया। सीएमओ डा. एनके गुप्ता ने बताया कि खून अधिक बहने की वजह से मौत हुई है।




फैमिली शनिवार सुबह एयर एंबुलेंस से डेडबॉडी को गुवाहाटी ले जाएंगे। वहीं हादसे की सूचना मिलने के बाद उनके ससुर राकेश प्रसाद सिंह, वाइफ आयुषी और अन्य फैमिली मेंबर्स रात में ही फ्लाइट से दिल्ली आ गए थे। मुकेश की तीन माह की बेटी भी है।

बक्सर के डिप्टी कलेक्टर तौकीर अकरम ने बताया कि 3 अगस्त को मुकेश ने बक्सर डीएम का चार्ज लिया था और चार्ज लेते ही वे छुट्टी पर चले गए थे। वे दिल्ली में बिहार भवन में रुके थे।




डीएम मुकेश ने अपनी पत्नी आयुषी से गुरुवार सुबह स्वच्छ भारत अभियान के तहत देहरादून जाने की बात कहकर पटना से निकले थे, लेकिन वे दिल्ली आ गए।

मुकेश पांडेय के बड़े भाई राकेश पांडेय 2008 बैच के आईएफएस हैं, जबकि उनके पिता डा. सुदेश्वर पांडेय परिवार के साथ गुवाहाटी में रहते हैं और वहीं पर प्रैक्टिस करते हैं।




दक्षिण दिल्ली की सरोजनी नगर थाना पुलिस ने मुकेश पांडेय के दिल्ली में बिताए समय की जानकारी गाजियाबाद पुलिस को सौंप दी है। अब जांच गाजियाबाद पुलिस करेगी।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि मुकेश पांडेय दोपहर करीब 12.30 बजे सरोजनी नगर स्थित लीला होटल पहुंचे। करीब 3.45 बजे वह दोबारा होटल के लाबी में दिखे, इस दौरान वह लंबे समय तक वह अपने मोबाइल पर कुछ करते रहे।




सीसीटीवी फुटेज में इस दौरान वे काफी परेशान थे। शाम करीब साढ़े चार बजे एक कैब से वे जनकपुरी डिस्ट्रिक सेंटर के लिए निकल गए थे। शाम करीब 5.30 बजे वह जनकपुरी डिस्ट्रिक सेंटर की दसवीं मंजिल पर पहुंचे, जहां से उन्होंने अपने बडे़ भाई, बैचमेट्स, ससुर सहित अन्य परिजनों को वाट्सएप पर मैसेज कर सुसाइड के संबंध में सूचना दी।

मैसेज मिलते ही मुकेश के दोस्तों ने पश्चिमी जिला पुलिस से संपर्क कर जल्द से जल्द कदम उठाने का अनुरोध किया।
माना जा रहा है कि दसवीं मंजिल से कूदने के इरादे से मुकेश पांडे जनकपुरी डिस्ट्रिक सेंटर की दसवीं मंजिल पर पहुंचे थे। वहां गार्ड को मौजूद देख उन्होंने वहां से सुसाइड करने का इरादा छोड़ दिया।




इसके अलावा फैमिली और फ्रेंड्स को मैसेज करने के बाद उन्होंने अपना मोबाइल फेंक दिया और वहां से चले गए। इसके बाद उन्हें डिस्ट्रिक सेंटर की सीसीटीवी फुटेज में शाम करीब 5.55 बजे वहां से जाते हुए देखा गया।

फिर मेट्रो से मिली फुटेज में उन्हें आनंद विहार मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलते देखा गया। माना जा रहा है कि आनंद विहार रेलवे स्टेशन से उन्होंने गाजियाबाद की ट्रेन ली। जहां पर उन्होंने सुसाइड कर लिया।




लगातार कोशिशों के बावजूद जब मुकेश पांडेय का कुछ पता नहीं चला तब आयुषी ने दिल्ली के पंचशील इन्क्लेव में रहने वाली अपनी बहन से होटल जाने के लिए बोला।

इसके बाद आयुषी की बहन रात करीब 8.10 बजे सरोजनी नगर थाने पहुंची और पूरे वाक्या पुलिस को बताया। जिसके बाद पुलिस की एक टीम उनके साथ होटल के लिए रवाना हो गई।




होटल में मुकेश पांडेय के कमरे से पुलिस ने दो पेज का सुसाइड नोट बरामद किया। मुकेश की साली की शिकायत में सरोजनी नगर थाना पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।




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