सुधाकर सिंह बने कृषि मंत्री, पिता जगदानंद हैं बिहार RJD अध्यक्ष, वो लालू-राबड़ी सरकार में सिंचाई मंत्री थे

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समाजवादी किले के युवराज की किस्मत चमक गई। कैमूर के हाट पॉलिटिकल सीट रामगढ़ के विधायक सुधाकर सिंह अपने पहले कार्यकाल में कृषि मंत्री बन गए। तब यह तय हो गया कि अब खेती के पिच पर पिता जगदानंद सिंह के बाद सुधाकर सिंह ताबड़तोड़ बैटिंग करेंगे। पिता ने लालू और राबड़ी सरकार में लंबे समय तक खेतों के सिंचाई की कमान संभाली थी। अब कृषि मंत्री का दायित्व मिलने के बाद बेटे का फोकस किसानों की खुशहाली पर होगा।

इस काम में संसदीय राजनीति में पिता के लंबे अनुभव का लाभ भी सुधाकर सिंह को मिलेगा। राजनीति के लिहाज से भी सहुका घराने का मिजाज खेती किसानी का रहा है। जाहिर है पसंद का मंत्रालय मिलने से काम चौकस होगा। मंगलवार को पटना राजभवन में जब सुधाकर ने मंत्री पद की शपथ ली तो जिले की प्रगति की गति के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद बलवती हो गई। वैसे भी राजनीति में योग्यता के साथ विरासत की सियासत के बड़े मायने होते हैं।

रामगढ़ के विधायक का सितारा भी संभवतः इसी फार्मूले से अचानक बुलंदी पर पहुंच गया। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने लालू-राबड़ी सरकार में कैमूर के विकास को नया आयाम दिया। अब सुधाकर पार्टी सुप्रीमो व डिप्टी सीएम तेजस्वी की पसंद बन विकास को अंजाम देने में जुटेंगे। गौरतलब है कि जब नीतीश कुमार का बिहार भाजपा से ब्रेकअप हुआ और सरकार बनाने के लिए राजद से पींगे बढ़ी तब सूबे में सुलगते सियासी पारा के साथ सुधाकर के मंत्री बनने की चर्चा जोर पकड़ी। राबड़ी आवास पर डिप्टी सीएम तेजस्वी के कोर कमिटी की बैठक में मंत्री पद मिलने पर मुहर लग गई थी।

बिजनेसमैन से विधायक और मंत्री बनने सफर दिलचस्प

रामगढ़ विधायक सुधाकर सिंह का कैरियर बेहद दिलचस्प रहा है। बिजनेसमैन से विधायक और अब मंत्री बनने के सफर में काफी उतार चढ़ाव देखा। साल 1995 में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद शुरू में झुकाव नौकरी की ओर हुआ। लेकिन जिंदगी ने अचानक मोड़ लिया और उन्होंने गांव का रुख किया। राइस मिल के व्यवसाय से जुड़े। पल्सर बाइक से गांव-गांव घुमकर किसानों से धान की खरीद शुरू की।

सफलता कदम चुमती गई और युवा उद्यमियों की टीम बनती गई। इस क्रम में सुधाकर बिहार राइस मिलर संघ के अध्यक्ष भी रहे। इस दौरान जगदानंद सिंह के बेटे होने की वजह से विरोधियों के निशाने पर भी रहे। इसी दौर में सुधाकर ने राजनीति में भी दांव आजमाना शुरू कर दिया। साल 2010 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े और हार गए। कुछ दिनों बाद बीजेपी से नाता टूटा तो सुधाकर आरजेडी में सक्रिय हो गए। जमीन पर काम करने लगे। साल 2020 में राजद सुप्रीमो का आशीर्वाद मिला तो विधानसभा चुनाव लड़े। कांटे के मुकाबले में किस्मत ने साथ दिया और सुधाकर महज 189 मतों से चुनाव जीते। विधायक बनने के 21 माह बाद बिहार कैबिनेट में मंत्री बन गए।

मां का आशीर्वाद लेकर शपथ लेने गए सुधाकर 

नीतीश-तेजस्वी सरकार में कृषि मंत्री बने सुधाकर सिंह शपथ लेने से पहले मंगलवार को मां का आशीर्वाद लिया। इस दौरान हर बार की तरह मां विमला देवी ने बेटे को समर्पण के साथ सेवा का पाठ पढ़ाना नहीं भूली। मंगलवार को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए राजभवन जाने से पहले विधायक ने मां का पांव छूकर प्रणाम किया तो गदगद मां ने उन्हें गले लगाया। फिर कहा- जनता की सेवा में रमकर जीवन खपाने वाले का सितारा सदा बुलंद रहता है। विधायक की मां का आशीर्वाद लेने की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। समर्थक मां की महिमा व गरिमा के बारे में तरह-तरह के कैप्शन के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर रहे हैं।

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