‘तेजस्वी अपने पिता की बदौलत बने विधायक, नीतीश ने खुद बनाई है राजनीतिक पहचान’

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पटना: बिहार के नेताओं में इन दिनों ट्विटर वार छिड़ी है। एक तरफ तेजस्वी यादव लगातार ट्वीट कर सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हैं तो दूसरी तरफ जदयू के प्रवक्ता तेजस्वी पर निशाना साध रहे हैं। जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि वो आजकल 4 नाव की सवारी करना चाह रहे हैं।

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि तेजस्वी कभी मुलायम सिंह यादव तो कभी ममता बनर्जी, कभी मायावती तो कभी राहुल गांधी की नाव पर सवार होने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन कोई भी उनको अपनी नाव में बैठाना नहीं चाहता है। उन्होंने कहा कि लालू यादव की तरह ही उनके बेटे भी जिस नाव में बैठते हैं, उसी में छेद करते है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि आखिर जो संस्कार मिला है, उसका उपयोग तो करेंगे ही ना।

संजय सिंह ने तेजस्वी से कहा कि एक बात स्पष्ट समझ लें कि नीतीश कुमार शेर है और शेर अकेले चलता है झुंड में नहीं। नीतीश कुमार ने अब तक जो फैसला लिया है, वह अपने दम पर लिया है और आगे भी जो फैसला लेंगे वह अपने दम पर लेंगे। नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक लकीर खुद खिंची है और उस लकीर से बड़ी लकीर खिंचने की ताकत बिहार के किसी नेता में नहीं है।

संजय सिंह ने चारा घोटाला को लेकर लालू पर निशाना साधते हुए कहा कि आरजेडी की राजनीति कभी भी गाय, भैंस, चारा, खूंटा से ऊपर नहीं उठ पाई है। चारा घोटाला की अभियुक्त लालू यादव स्कूटर पर बैठाकर भैंस को ढोया करते थे। लालू यादव ऐसी ‘दोपाया’ थे जो खुद चारा और मिट्टी खाते थे, अलकतरा पीते थे। इन्होंने जानवरों के लिए तो खाने को कुछ छोड़ा ही नहीं।

संजय ने कहा कि तेजस्वी यादव को तो बचपन से ही तुष्टिकरण की ट्रेनिंग मिली है। उनका जन्म भी उसी दौर में हुआ था, जब बिहार में जात-पात, दंगा-फसाद, ह्त्या-नरसंहार होता था। ये तमाम चीजे उस समय सीएम हाउस से संचालित होती थी। अब जो बचपन की सिख है उसे तेजस्वी यादव आगे बढ़ा रहे हैं।

Source: etv bihar

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