जिसके इरादे बुलंद हो, जिसके कार्य मे ईमानदारी और कर्मठता झलकता हो, जो 24 घण्टे आवाम की सुरक्षा के लिए जागता हो, जो अपराधियों के लिए काल हो वैसे ही आइपीएस अपने समाज की रक्षा के लिए एक विशिष्ट पहचान रखता है। ऐसे ही एक शख्स आज सुर्खियों में हैं और वह नाम है बिहार कैडर के 2008 बैच के आईपीएस मनोज कुमार। विभिन्न जिलों में अपनी बेहतरीन पुलिसिंग के लिए बहुचर्चित रहे मनोज कुमार सुशासन सरकार की नाक हैं। चुनौतियों को स्वीकार करना एवं उसके प्रति वफादारी से कार्य करने के साथ-साथ नित्य नए प्रयोग से सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था का माहौल तैयार करना एसएसपी मनोज कुमार का मुख्य लक्ष्य रहा है। इसी विलक्षण प्रतिभा के चलते यह अपराधियों के लिए काल बने हुए है तो सरकार के आंख के तारा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अति महत्वपूर्ण महत्वकांक्षी योजना शराबबंदी को पूर्ण रूपेण कारगर बनाने के लिए मनोज कुमार कई थानेदारों को प्रोत्साहित, तो कई को निलंबित तक भी किया है और यह संदेश दिया की शराबबंदी पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपने अल्प काल मे ही मुजफ्फरपुर में एसएसपी मनोज कुमार गरीबो के लिए आवाज, बुजुर्गों के लिए बेटा एवं युवाओं के लिए भाई की तरह कार्य कर यह साबित करने की कोशिश की है कि अगर आप कानून के साथ है तो मुजफ्फरपुर पुलिस आपके  साथ सदैव खड़ी रहेगी और अगर कानून का उल्लंघन कर रहे हैं तो किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा चाहे अपराध छोटा हो या बड़ा अपराध करने वाला हर शख्स मेरे नजर में अपराधी है।

बातचीत के क्रम में एसएसपी मनोज कुमार ने बताया कि जब से मुजफ्फरपुर की कमान सौंपी गयी, वह अपने कर्तव्य पर नित्य नए प्रयोग कर लोगो की सुरक्षा एवं पुलिस-पब्लिक मैत्री संबंध को बेहतर स्थापित कर कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर दिया। शहर की सुरक्षा के लिए सोलह मुख्य प्रवेश पर जवानों की तैनाती की गई। रात्रि में पुलिस थाना की गश्ती के अलावा अश्व मोबाइल शहर के लोगो की सुरक्षा के लिए रात भर घूमते रहता है। रात्रि बस सेवा शुरू कर देने से लोग काफी प्रभावित हुए, जिन रूट पर बस सेवा है उसपर लोग ऑटो से जाना पसंद नहीं करते और स्टेशन से बस सेवा शुरू हो जाने से रात्रि में औटो की मनमानी पर भी अंकुश लगा है।

एसएसपी ने बताया कि अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर अबतक कुल 1180 लोगो की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमे जघन्य अपराधों की 164, मोटरसाइकिल चोरी49, बड़े वाहन 38, अवैध आग्नेय अस्तरब 15, गोली 214 शामिल है वहीं विस्फोटक पदार्थ में 3 देशी बम, नगद 13,86,830 और विदेशी शराब 25078 लीटर 900 एमएल वियर 745 लीटर, 500 एमएल देशी 332 लीटर, मिलावटी ताड़ी 30 लीटर, शराब बनाने वाला केमिकल 3 लीटर एवं गांजा 300 ग्राम शामिल है।

मुजफ्फरपुर में कुछ ऐसी घटनाएं घटित हो चुकी थी जिससे बिहार की छवि बाहर में खराब हो रही थी, वैसे घटनाएं पर अंकुश लगाने के साथ-साथ अपराधियों की कड़ी सजा मिले इसके लिए प्रयासरत मनोज कुमार ने अपने तीन महीने के अल्पकाल में ही मुजफ्फरपुर पुलिस की जनता में विश्वास अर्जित कर चुके है। वारंट एवं कुर्की के 3439 मामले निष्पादन हो चुके है। वहीं एके47 से हत्याकांड के मामले में गोविंद एवं सुजीत को भागलपुर केंद्रीय कारा भेजा गया है जबकी सीसीए12 से 14 एवं सीसीए3 से कुल 247 लोगों पर करवाई किया गया है। एक हज़ार नए लोगों के विरुद्ध गुंडा पंजी खोलना एवं इसपर निगरानी का कार्य शुरू किया गया है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here