Srijan

Srijan Scam -इस अफसर को वाइफ ने लोन ले गिफ्ट की शानदार हार्ले डेविडसन, 10 महीनों से नहीं मिली है सैलरी

कही-सुनी

विवादों में घिरे भागलपुर के पूर्व एसडीओ कुमार अनुज की पत्नी दिव्या सिन्हा भी Srijan महिला सहयोग समिति से जुड़ी थीं। उन्होंने सृजन में अपना खाता भी खुलवा रखा था। करीब 10 माह से कुमार अनुज ने वेतन की निकासी नहीं की थी।

इसी बीच उनकी पत्नी ने Srijan से 7.17 लाख लोन लेकर कुमार अनुज को आठ लाख की हारले डेविडसन बाइक गिफ्ट की थी। सृजन की मैनेजर सरिता झा ने सर्किट हाउस में आर्थिक अपराध इकाई को पूछताछ में यह बात बताई है। संस्था से करीब छह हजार महिलाएं जुड़ी थीं। इनमें कुमार अनुज की पत्नी भी थीं।

मैनेजर ने बताया कि तत्कालीन अपर समाहर्ता जयश्री ठाकुर भी उनके ग्रुप से जुड़ी थीं। उनका समिति के खाते में सात करोड़ रुपए हैं, जो फिलहाल फ्रीज हैं।




जयश्री ठाकुर पर आय से अधिक संपति अर्जित करने का मामला चल रहा है। 300 करोड़ की घोटाले की जांच करने पटना से आई टीम के समक्ष सृजन की महिलाकर्मियों को उपस्थित कराया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई।

इसके लिए बुधवार सुबह में सबौर थानेदार राजीव कुमार, एएसआई नवीन कुमार सृजन के कार्यालय गए और वहां के महिलाकर्मियों से कहा कि उनसे पूछताछ होनी है। इससे पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया। महिलाकर्मी रोने लगीं। कर्मियों को लगा कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आई है।




इस कारण तीन महिलाकर्मियों ने कहा कि वे पुलिस की गाड़ी से नहीं जाएगी। आखिरकार थानेदार के समझाने पर तीनों महिला कर्मी सृजन के टेम्पो से पहले हवाईअड्डा और फिर सर्किट हाउस पहुंची, जहां उनसे देर शाम तक पूछताछ हुई।

सबौर स्थित सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड का विवादों से पुराना नाता रहा है। चार साल के अंदर वहां तीन बड़ी कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।




सबसे पहले वर्ष 2013 में आय का छापा वहां पड़ा तो हड़कंप मच गया। इसके कुछ दिनों के अंदर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में पूर्व अपर समाहर्ता जयश्री ठाकुर के घर पर आर्थिक अपराध इकाई ने छापेमारी की। करोड़ की संपत्ति मिली। साथ ही इस दौरान सृजन में 7.32 करोड़ रुपये जमा करने के मामले सामने आए।

जांच के दौरान पाया गया कि Srijan महिला विकास सहयोग समिति में छापेमारी के दो दिन पहले भी 7.32 करोड़ की राशि चेक के माध्यम से वहां जमा किए गए थे। इसके बाद उनके खाते को फ्रीज कर दिया गया। वह अब तक फ्रीज ही है।




सृजन के फेसबुक वॉल पर बीते तीन दिनों से कोई पोस्ट नहीं किया गया है। अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। इसके बाद से सृजन संस्था की सचिव प्रिया कुमार भी फरार हैं।

Srijan संस्था के फेसबुक वॉल पर अंतिम दिन छह अगस्त को पोस्ट किया गया है। इसमें Srijan चना सत्तू के पैकेट की तस्वीर डाली गई है। बैंक ऑफ बड़ौदा की घंटाघर शाखा ने 31 जनवरी 2017 को भेजी गई दो महत्वपूर्ण योजना की राशि भी डकार ली।




एसबीआई मुंगेर के चेक संख्या 782044 दिनांक 16 दिसंबर 16 द्वारा भेजी गई 72 हजार रुपये की रकम, जो नजारत उप समाहर्ता, मुंगेर के पत्रांक 1801 दिनांक 16 दिसंबर 16 से दंगा पेंशन की वापसी से संबंधित था, उसका भी पता नहीं चल सका।

Srijan




Srijan




Srijan



Leave a Reply

Your email address will not be published.