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Srijan Scam- NGO की आड़ में अफसरों ने खजाने से लूटे 300 करोड़, ऐसे हुआ पूरा घोटाला

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भागलपुर/पटना.भागलपुर में सरकारी विभाग के बैंक खातों से 300 करोड़ की अवैध निकासी कर उसे Srijan महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड (स्वयं सहायता समूह) के खातों में ट्रांसफर किए जाने का बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। तीन सरकारी विभाग के खातों से हुई अवैध निकासी मामले में दो दिनों के दौरान 3 केस दर्ज किये गए हैं। इसमें अब तक तकरीबन 300 करोड़ की हेराफेरी सामने आई है। फर्जी सिग्नेचर से निकाले रुपए…

तीन सरकारी विभाग के खातों से हुई अवैध निकासी मामले में दो दिनों के दौरान 3 केस दर्ज किये गए हैं।

ईओयू के आईजी जे. एस. गंगवार के नेतृत्व में भागलपुर पहुंची जांच टीम। इसमें ईओयू के एएसपी व साइबर सेल के प्रभारी सुशील कुमार भी शामिल।

– सीएम नीतीश कुमार ने बुधवार को खुद सरकारी धन की इस लूट का खुलासा किया। पृथ्वी दिवस पर राजधानी में आयोजित समारोह के दौरान उन्होंने कहा-’भागलपुर में 250 करोड़ का घोटाला हुआ है।
– हम इसकी जांच करा रहे हैं।’ इसके तुरंत बाद जांच के लिए अफसरों को हवाई जहाज से भागलपुर भेजा गया। टीम, आर्थिक अपराध यूनिट के आईजी जे. एस. गंगवार के नेतृत्व में भेजी गई।




– इसमें ईओयू के एएसपी व साइबर सेल के प्रभारी सुशील कुमार भी शामिल हैं। जांच टीम के अफसरों ने संबंधित कर्मियों या संदिग्ध लोगों से पूछताछ के साथ ही कागजात की जांच शुरू कर दी।
– सूत्रों के मुताबिक घोटाले के तार राजनीतिक गलियारों से लेकर व्यवसाय जगत व रियल एस्टेट तक फैले हुए हैं।

– प्रशासन, बैंक प्रबंधन व एनजीओ प्रबंधन के अलावा कई बड़े-छोटे चेहरों की संलिप्तता घोटाले में बताई जा रही है।
– आने वाले दिनों में कई रसूखदार चेहरों के दागदार होने के साथ ही कई और बड़े राज उजागर होने तय हैं।




– जांच टीम ने सर्किट हाउस में दो बैंकों (इंडियन बैंक की पटल बाबू रोड शाखा और बैंक ऑफ बड़ौदा की घंटाघर शाखा) के दागी अधिकारी, Srijan महिला विकास सहयोग समिति के पदधारक और कर्मियों से करीब छह घंटे तक पूछताछ की है। इस बीच एडीजी मुख्यालय संजीव कुमार सिंघल ने बताया कि जांच के बाद हर पहलू का खुुलासा होगा।

किस योजना और बैंक से कितने की हुई अवैध निकासी
– जिला भू-अर्जन विभाग (बैंक ऑफ बड़ौदा) : 2 अरब 70 करोड़ 3 लाख 32 हजार 693 रुपए
– जिला नजारत शाखा (बैंक ऑफ बड़ौदा) : 14 करोड़ 80 लाख, 38 हजार 296 रुपए 31 पैसे
– मुख्यमंत्री नगर विकास योजना (इंडियन बैंक) : 10 करोड़ 26 लाख 58 हजार 295 रुपये
– मुख्यमंत्री नगर विकास योजना, जिला नजारत शाखा और जिला भू-अर्जन विभाग के अलग-अलग बैंकों में संचालित खातों में गड़बड़ी की गई है।




एनजीओ है Srijan

– सृजन महिला विकास सहयोग समिति की स्थापना 1996 में हुई। कहने के लिए संस्था ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, नैतिक, शैक्षणिक विकास के लिए काम करती है।
– इसका कार्यक्षेत्र भागलपुर जिले के सबौर, गोराडीह, कहलगांव, जगदीशपुर, सन्हौला समेत 16 प्रखंडों तक फैला है।

– इसका उद्देश्य संगठनात्मक कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्वरोजगार, बचत व साख, उत्पादन व मार्केटिंग, साक्षरता, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम करना था।
– लेकिन, संस्था इसकी आड़ में सरकारी फंड का बैंक की मिलीभगत से अपने खाते में लाकर उसका दुरुपयोग कर रही थी।




– जांच के पहले तक संस्था दावा कर रही थी कि वह गांव की महिलाओं को सरकार की योजनाआें का लाभ दिलाती है।

ऐसे हुआ घोटाला: फर्जी सिग्नेचर से निकाले रुपए
– जालसाजों ने शातिर तरीका आजमाया और फर्जी सिग्नेचर के जरिए करोड़ों के घोटाले को धीरे-धीरे अंजाम दिया।




– दरअसल विभिन्न योजनाओं से जुड़ी सरकारी राशि जिला प्रशासन के संबंधित महकमे के एकाउंट में जाती है।
– इसके बाद योजनाओं से संबंधित राशि एक अलग (शार्ट टर्म एकाउंट) खाते में जमा कर दी जाती है। इसी एकाउंट में सेंधमारी की गई।

– फर्जी सिग्नेचर के जरिए सरकारी शार्ट टर्म एकाउंट की राशि सीधे एनजीओ सृजन के खाते में ट्रांसफर होने लगी।
– इसके बाद जीविका के स्तर पर चेक के जरिए बैंक की शाखाओं से कैश की निकासी की जाती थी।
– इसी तर्ज पर 2008 से 2017 के आरंभ तक 300 करोड़ की राशि निकालकर शातिरों ने हड़प ली।




इनकी करतूत: दो बैंकों के अफसरों की मिलीभगत, केस दर्ज, Srijan की सचिव फरार

हेराफेरी में इंडियन बैंक की पटल बाबू रोड शाखा, बैंक ऑफ बड़ौदा की घंटाघर शाखा और Srijan महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड की मिलीभगत सामने आई है। तीनों संस्थानों के तत्कालीन और वर्तमान मैनेजर, पदधारकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने इंडियन बैंक के सहायक ब्रांच मैनेजर पीएन दत्ता, सहायक मैनेजर परमानंद कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। समिति की सचिव प्रिया कुमार फरार हैं।




पुलिस समिति के अन्य पद धारकों की तलाश कर रही है। इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसएसपी मनोज कुमार ने बताया कि 2009 से लेकर अब तक सरकारी विभाग के खातों से सृजन के खातों में राशि भेजी गई। मंगलवार देर रात तिलकामांझी थाने में सरकारी राशि के गबन को लेकर दो प्राथमिकी दर्ज करायी गई।

Srijan महिला विकास समिति की सचिव मनोरमा देवी जब तक जीवित थीं, तब तक बैंक से चेक के जरिए रकम मिलती रही। उनकी मौत के बाद चेक बाउंस होने लगे। एडीजी (मुख्यालय) संजीव कुमार सिंघल के मुताबिक मनोरमा देवी की मृत्यु के बाद एनजीओ से संबंधित एकाउंट डिसऑर्डर होने पर हंगामा खड़ा हो गया।




जांच में एकाउंट में पैसा नहीं मिला। इसके बाद एक दशक से हो रहे घोटाले की पोल खुलने लगी। जांच टीम को अब तक कुल 9 खातों का पता चला है। इनमें तीन सरकारी खाते हैं, जबकि एनजीओ सृजन से जुड़े आधा दर्जन एकाउंट हैं। इस कड़ी में कुछ सबूत भी हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। जल्द ही गिरफ्तारी भी हो सकती है।



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