श्रावणी मेला में साइबर फ्रॉड हुए एक्टिवः बाबा गरीबनाथ मंदिर के नाम पर दान के बहाने ऑनलाइन ठगी

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सावन के पावन  माह के आगमन के साथ बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर के नाम पर ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया के जरिए हो रहे इस फर्जीवाड़े का शुक्रवार को पता चलने पर मंदिर प्रबंधन भी दंग रह गया।

दरअसल, साइबर फ्रॉड गिरोह दान के बहाने ठगी कर रहा है। इसके लिए एक एप बनाकर इसे श्री गरीबनाथ मंदिर न्याय समिति के नाम से फेसबुक पर पोस्ट किया गया है। इसमें भंडारा के नाम पर लोगों से क्यूआर कोड स्कैन कर बैंक खाते में राशि मांगी जा रही है। इस पोस्ट में लिखा है, ‘जय बाबा गरीबनाथ … श्रावण मास में बाबा गरीबनाथ की सेवा के सहभागी बनें। हर रविवार शिवभक्तों के लिए भंडारा में आप भी सहयोग करें।’ हालांकि, इस संबंध में मंदिर प्रबंधन की ओर से पुलिस के पास शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है।

इस संबंध में श्री गरीबनाथ मंदिर न्यास समिति के सचिव एनके सिन्हा ने बताया कि दान के नाम पर हो रही ठगी का पता चला है। समिति ने न तो एप बनवाया है और न ही दान या चंदा मांगा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि दान देने से पहले अच्छी तरह जांच-परख कर लें। गरीबनाथ मंदिर में दान देना है तो मंदिर में आकर संपर्क करें और दान की रसीद लें। सचिव के मुताबिक, यह पता नहीं है कि इस एप को कब फेसबुक पर अपलोड किया गया और कितनी राशि की ठगी हुई है। जालसाजी को लेकर थाने में मामला नहीं दर्ज कराया है। मीडिया के माध्यम से सतर्क कर रहे हैं।

ठगी गई राशि का आकलन नहीं

बाबा गरीबनाथ मंदिर के नाम पर ठगी के पीछे सूबे में सक्रिय साइबर अपराधियों के गिरोह का हाथ हो सकता है। साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक ठगी का यह नया तरीका है। इसके पीछे सुनियोजित साजिश हो सकती है। ठगों ने क्यूआर कोड तैयार कर चंदा मांगने का काम शुरू किया है। क्यूआर कोड से देशभर के शिवभक्तों ने दान दिया है। हालांकि केस दर्ज नहीं होने के कारण ठगी गई राशि का आकलन नहीं हो सका है।

श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील

बताया गया कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब बाबा गरीबनाथ मंदिर के नाम पर ऑनलाइन ठगी की जा रही है। मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने कहा कि श्रद्धालुओं को जालसाजों व इस तरह के एप से सतर्क रहने की जरूरत है।

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