जापान और चीन के खिलाड़ियों को हराकर बिहार के अरबाज ने जीता एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक

एक बिहारी सब पर भारी कही-सुनी बिहारी जुनून

पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इन पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए बिहार के सहरसा जिले के दिव्यांग बैंडमिंटन खिलाड़ी अरबाज ने पैरा यूथ एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में चीन, मलेशिया और जापान जैसे देशों को हराते हुए देश के लिये सिल्वर मेडल जीता।

दुबई में चल रहे इस प्रतियोगिता में अरबाज ने जापान और मलेशिया जैसे देशों को हराते हुए क्वार्टरफाइनल और फ़िर चीन को हराते हुए सेमीफाइनल में पहुँचे। हालांकि उनके जीत का सफ़र फाइनल में इंडोनेशियाई खिलाड़ी के सामने जाकर थम गई। अरबाज को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।

इस चैंपियनशिप में भारत का 8 सदस्यीय दल दुबई गया था जिसमें अरबाज एकमात्र बिहारी थे। अरबाज इससे पूर्व नेशनल चैंपियनशिप में रनर तो वहीं स्टेट चैंपियनशिप के विजेता भी रह चुके हैं। अरबाज ने सामान्य वर्ग में यूनिवर्सिटी चैंपियन होने का भी खिताब अपने नाम किया है।

अरबाज ने अपनी कोचिंग कोशी स्पोर्ट्स अकादमी से ली है। उनके कोच खुर्शीद अंसारी और बाकी साथी उनकी इस कामयाबी से बहुत खुश हैं। अरबाज को प्रशिक्षण के लिये बंगलुरू भेजा गया था लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें वापस आना पड़ा।

अरबाज के पिता बीमा एजेंट हैं और वो उसकी कामयाबी से गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनका बेटा आगे के टूर्नामेंट्स में स्वर्ण पदक लाएगा। सीमित संसाधनों के बीच भी अंतराष्ट्रीय पटल पर देश को ऐसी कामयाबी दिलाने वाले बिहार के बेटे पर पूरा बिहार और देश गर्व करता है। जल्द ही पूरा देश उन्हें पैरालंपिक में गोल्ड के साथ देखना चाहेगा।

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