स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षाओं का शेड्यूल जारी, विलंब शुल्क लगने से पहले भर लें फॉर्म

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बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने स्नातक सत्र 2019-22 के तृतीय वर्ष की परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की तिथि जारी कर दी है। पांच से 12 दिसंबर तक बिना विलंब शुल्क के परीक्षा फार्म भरा जाएगा। वहीं 14 से 16 तक 200 रुपये विलंब शुल्क के साथ फॉर्म भरने का मौका दिया जाएगा। परीक्षा 26 दिसंबर से शुरू होकर जनवरी 2023 तक चलेगी। फरवरी के अंतिम या मार्च के पहले सप्ताह में इसका परिणाम जारी किया जाएगा।

पेंडिंग या प्रमोटेड रिजल्ट वाले भी भर सकेंगे फॉर्म

प्रतिकुलपति प्रो.रवींद्र कुमार के आदेश से परीक्षा नियंत्रक डा.संजय कुमार ने पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सत्र 2019-22 के द्वितीय वर्ष की परीक्षा में जिनका परिणाम पेंडिंग या प्रमोटेड हो गया हो। ऐसे छात्र-छात्राएं भी परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे। सत्र 2018-21 तृतीय वर्ष में जीएस की परीक्षा में अनुत्तीर्ण विद्यार्थी केवल इसी पेपर का फॉर्म भरेंगे। उन्होंने कहा है कि सभी अंगीभूत व संबद्ध कालेजों के प्राचार्य को निर्धारित अवधि में फॉर्म भरवाने को कहा गया है।

एक लाख छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में होंगे शामिल

विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित होनेवाली इस परीक्षा में करीब एक लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। 85 हजार छात्र-छात्राएं नियमित और 15 हजार प्रमोटेड और फेल विद्यार्थी इसमें शामिल होंगे। परीक्षा को लेकर पांच जिलों में करीब 50 केंद्र बनाए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि इसबार फॉर्म भरने की तिथि विस्तारित नहीं की जाएगी। सत्र को नियमित करने को लेकर राजभवन से लगातार निर्देश दिया जा रहा है। ऐसे में प्राचार्यों को भी सहयोग करने को कहा गया है।

विश्वविद्यालय में पांच तक सभी निकायों की बैठक पर निर्णय

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की ओर से 20 दिसंबर को प्रस्तावित सीनेट की बैठक की तिथि आगे बढ़ाई जाएगी। पांच दिसंबर तक वित्त समिति, संबंधन समिति, एकेडमिक काउंसिल, सिंडिकेट और सीनेट की बैठक की तिथि पर अंतिम मुहर लगेगी। कुलपति प्रो.हनुमान प्रसाद पांडेय के मुख्यालय पहुंचने के बाद तैयारियां तेज हो गई हैं। नए कालेजों को मान्यता देने के लिए निरीक्षण से लेकर तमाम फाइलें कुलपति के पास भेजी गई हैं। एकेडमिक काउंसिल को लेकर नए कोर्स शुरू करने और अन्य एजेंडे एकत्रित किए जा रहे हैं।

बतक तैयारियों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। ऐसे में 20 को होने वाली बैठक की तिथि आगे बढ़ाई जाएगी। कुलपति ने कहा कि 15 जनवरी तक सरकार को सत्र 2023-24 का प्रस्तावित बजट भेजना है। ऐसे में दिसंबर के अंत या जनवरी के प्रथम सप्ताह में सीनेट की बैठक होगी। इससे पूर्व अन्य सभी निकायों की बैठक कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि पांच दिसंबर को इसपर अंतिम रूप से निर्णय हो जाएगा। इधर, कुलपति के मुख्यालय पहुंचने के बाद विश्वविद्यालय में सीनेट-सिंडिकेट के सदस्यों की आवाजाही भी तेज हो गई है। सभी अपने-अपने एजेंडे को लेकर विभागों से संपर्क कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यदि 15 जनवरी तक बजट और अन्य प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा गया तो अगले सत्र के लिए समस्या उत्पन्न हो जाएगी। ऐसे में विश्वविद्यालय अब इन निकायों की बैठक को लेकर पूरी ताकत झोंकेगा।

 

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