पटना में पैदल कलेक्ट्रेट घाट से छठ व्रतियों को चलना पड़ेगा तीन किमी

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पटना: छठ पूजा के लिए गंगा घांटों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आपस में मिले होने के कारण महेंद्रू, कलेक्ट्रेट से बांसघाट का क्षेत्र सबसे लंबा है। हालांकि मुख्य सड़क से बांसघाट तक जाने के लिए साढ़े 3 किलोमीटर तो कलेक्ट्रेट से जाने के लिए 3 किमी पैदल चलना होगा। मुख्यमंत्री के निरीक्षण से पहले रविवार को डीएम संजय कुमार अग्रवाल ने छठ घाटों की तैयारियों का जायजा लिया। सोमवार को सीएम नीतीश कुमार दीघा से छठ घाटों का निरीक्षण करने निकलेंगे।

chhath puja celebration

डीएम ने बताया कि तीनों घाटों के जुड़ जाने से छठ व्रतियों को सुरक्षित और स्वच्छ घाट मिलेगा। इन घाटों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। नासरीगंज घाट से स्टीमर से निरीक्षण करते हुए डीएम और वरीय पदाधिकारियों ने जहाज घाट, दीघा, कुर्जी, बांस घाट, कलेक्ट्रेट, गाय घाट होते हुए कंगन घाट तक का जायजा लिया। घाटों पर भवन निर्माण विभाग द्वारा चेंजिंग रूम, नियंत्रण कक्ष एवं वाच टावर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।

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कुछ घाट ऐसे हैं जहां गंगा का पानी काफी गंदा है। टीएन बनर्जी और मिश्री घाट के पास गंगा का पानी तो है लेकिन इतना गंदा है कि वहां कुछ देर खड़ा होना मुश्किल हो जाता है। हर घाट की मुख्य सड़क से दूरी, घाट की चौड़ाई, घाट के पास पार्किंग की व्यवस्था, पार्किंग स्थल से घाट की दूरी की रिपोर्ट 18 अक्टूबर तक तैयार करनी है। बैरिके¨डग का काम 22 अक्टूबर तक पूरा करना है। कुल 101 घाट हैं, जिस पर छठ पूजा होगी। पिछले वर्ष 28 खतरनाक घाट घोषित किए गए थे।

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