दो साल से महाजाम से जूझ रहे चार जिले पटना, भोजपुर, वैशाली और छपरा की बड़ी आबादी को जून से इससे मुक्ति मिल जाएगी। सोन नद में बन रहे सिक्स लेन पुल पर के एक आरएचएस लेन का काम पूरा हो गया है। गुरुवार से सड़क पर कालीकरण का काम शुरू हो गया, जिसे 15 से 20 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो जून में पुल परिचालन के लिए सरकार को सौंप दिया जाएगा। इसके अलावा महात्मा गांधी सेतु की पश्चिमी लेन भी 15 जून से चालू हो जाएगी। यहां भी पिचिंग का काम अंतिम चरण में है। 


सोन नद पर करीब 194 करोड़ की लागत से बन रहे इस सिक्स लेन पुल के डिजायन में बदलाव और बिहटा की ओर पुल के छोर पर एप्रोच रोड की जमीन को लेकर हुए विवाद के कारण इसके निर्माण में काफी विलंब हुआ है। पहले ये पुल फोरलेन ही बनना था फिर इसे सिक्स लेन कर दिया। इस पुल के आरएचएस में कुल 37 स्पैन हैं, जिनका निर्माण पूरा हो गया है। पुल की लंबाई 1526 मीटर है। दोनों आरएचएस व एलएचएस लेन का निर्माण दिसंबर तक खत्म हो जाएगा। कंस्ट्रक्शन कंपनी एचपी सिंघला के अधिकारियों ने बताया कि पुल की एक लेन मार्च में ही पूरी हो जानी थी लेकिन पहले तकनीकी कारणों और फिर लॉकडउन के कारण दो महीने की देरी हुई।


2 करोड़ लोगों को महाजाम से राहत
गांधी सेतु और जेपी सेतु पर भारी वाहनों के प्रवेश पर सरकार के रोक ने लोगों को जाम के महाजाल में उलझा दिया। भारी वाहन चालकों को 40 किमी की दूरी तय करने में 2 से 3 दिन लग रहे थे। इससे मजबूर होकर सरकार ने कोईलवर पुल को वनवे कर दिया। इसके बाद से वाहन चालकों को जाम से मुक्ति तो मिली लेकिन करीब 100 किमी की दूरी अतिरिक्त तय कर गंतव्य स्थान तक जाना पड़ रहा था। जो नए पुल पर परिचालन शुरू होने के बाद करीब 15 हजार तक पहुंच सकती है।
गांधी सेतु: 15 से पश्चिमी लेन चालू
कर्मियों की कमी की वजह से महात्मा गांधी सेतु के निर्माण कार्य की गति थोड़ी धीमी हुई। पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने बताया कि लाइफ लाइन महात्मा गांधी सेतु की पश्चिम लेन 15 जून से आरंभ हो जाएगी। गांधी सेतु के करीब छह किलोमीटर लंबे हिस्से में कंक्रीट के सुपर स्ट्रक्चर को हटा कर स्टील का लगाया गया है। इसके बाद पूर्वी लेन में काम शुरू होगा। पुल के निर्माण में लगने वाले स्पैनों के गार्डर और लोहे के प्लेट कोलकाता, चेन्नई, गाजियाबाद और अहमदाबाद से मंगवाए गए हैं।


लोहिया पथ चक्र : केबल स्टे ब्रिज का निर्माण भी पूरा करने का दावा
बेली रोड पर ट्रैफिक की रफ्तार को बढ़ाने व ट्रैफिक सिग्नल मुक्त यातायात मुहैया कराने के लिए लोहिया पथ चक्र की परिकल्पना की गई है। लोहिया पथ चक्र के पहले फ्लैंक को जनवरी में खोला गया था। शुरू में काम मार्च तक पूरा होना था बाद में समय को बढ़ा कर जून कर दिया गया। हालांकि, योजना की रफ्तार को देखते हुए इस समय सीमा में कार्य पूरा होना संभव नहीं लग रहा है। योजना के इंजीनियर बताते हैं कि काम चल रहा है, लेकिन काफी कम लोग हैं। प्रोजेक्ट इंजीनियर अरुण कुमार ने बताया कि जल्द ही योजना की गति को बढ़ाने को लेकर निर्णय होगा। दोनों फ्लैंक को चालू कराने दिशा में हम आगे बढ़ेंगे।


आर ब्लॉक फ्लाईओवर: वीरचंद पटेल पथ फ्लैंक भी होगा पूरा
आर ब्लॉक फ्लाईओवर का वीरचंद पटेल पथ फ्लैंक जिसे मार्च तक पूरा हो जाना था अब जून में पूरा करने का दावा किया जा रहा है। पुल निर्माण निगम के उमेश कुमार ने  बताया कि काम चल रहा है, लेकिन देशव्यापी लॉकडाउन का असर इस योजना पर भी पड़ा है। अब वीरचंद पटेल पथ से सप्तमूर्ति की तरफ जाने वाले लेन को जून के अंत तक पूरा कराया जाएगा। पहले इस फ्लाइओवर का निर्माण 11 नवंबर 2018 तक पूरा हो जाना था लेकिन डिजाइन में गड़बड़ी के कारण दो बार प्रोजेक्ट रुका। हालांकि, 630 मीटर लंबे आर-ब्लॉक जीपीओ गोलंबर फ्लैंक निर्माण का मामला अभी भी लटका हुआ है। जीपीओ गोलंबर लेन को साल के अंत तक पूरा कराने की योजना है।

Sources:-Dainik Bhasakar

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