सिमरिया में नहीं रुका गंगा विलास क्रूज, विदेशी सैलानियों के लिए हाथ में फूल लेकर खड़े रह गए विधायक और अधिकारी

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सिमरिया गंगा नदी तट पर बुधवार की सुबह आठ बजे से दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज एमवी गंगा विलास के आगमन का अधिकारी, विधायक समेत सैंकड़ों लोग इंतजार कर रहे थे। सुबह 11बकर 10 मिनट पर क्रूज पहुंचा भी, लेकिन बिना रुके मुंगेर की ओर बढ़ गया। क्रूज पर सवार स्विटजरलैंड के विदेशी सैलानियों के जत्था ने हाथ हिलाकर बाय-बाय किया। अधिकारी व भाजपा नेता हाथ में फूले लिए खड़े ही रह गए। उन्हें स्वागत का मौका नहीं मिला।

जिला प्रशासन के पदाधिकारी, भाजपा विधायक सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता फूल लेकर विदेशी सैलानियों के स्वागत में सुबह आठ बजे से खड़े थे। क्रूज पंहुचा तो गंगा नदी तट पर स्वागत में खड़े लोगों को लगा कि जहाज अब रुकेगा। हालांकि, क्रूज पर बैठे विदेशी सैलानियों ने हाथ हिलाकर बाय-बाय कर दिया। उसके बाद जिला प्रशासन सहित भाजपा कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई। सभी लोग मायूस होकर घर को लौट गए।

गौरतलब है कि विदेशी सैलानियों के सिमरिया धाम में आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली थी।मंगलवार को तैयारियों का जायजा लेने डीएम रोशन कुशवाहा, एडीएम राजेश कुमार सिंह, राजस्व पदाधिकारी शशि कुमार, सदर एसडीओ रामानुज प्रसाद सिंह, सदर डीएसपी अमित कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर निशित प्रिया, समेत तमाम अधिकारी पहुंचे थे। इस दौरान डीएम ने गंगा नदी तट की साफ-सफाई, स्वागत के लिए बैनर, बैरिकेडिंग सहित अन्य सुविधाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए थे।

आरोप-प्रत्यारोप शुरू

सांसद प्रतिनिधि अमरेंद्र कुमार अमर ने कहा कि गंगा विलास क्रूज राज्य सरकार की साजिश का शिकार हुआ।सिमरिया और बेगूसराय का विकास रोकने वाली शक्तियों ने साजिश के तहत क्रूज को यहां नहीं रुकने दिया। सिमरिया को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास हो रहा था, जिसे राज्य सरकार में बैठे बेगूसराय विरोधी लोगों ने एक साजिश के तहत रोकने का प्रयास किया है। यह निंदनीय है।

अगले पड़ाव में मुंगेर पहुंचेगा गंगा विलास

बता दें कि मंगलवार को पटना भ्रमण करने के बाद गंगा विलास क्रूज आगे की यात्रा के लिए रवाना हुआ था। 18 जनवरी को क्रूज का सिमरिया में ठहराव था। अगले पड़ाव में क्रूज विदेशी पर्यटकों को लेकर 20 जनवरी को मुंगेर और फिर भागलपुर होते हुए गंगा के रास्ते बांग्लादेश पहुंचेगा। वहां से अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के नियमों का पालन करते हुए यह क्रूज राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 2 से ब्रह्मपुत्र के रास्ते असम के डिब्रूगढ़ के लिए रवाना होगा।

3200 किलोमीटर की लंबी यात्रा करेगा क्रूज

उल्लेखनीय है कि दुनिया की सबसे लंबी नदी यात्रा पर निकले गंगा विलास क्रूज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर वाराणसी से रवाना किया था। गंगा विलास क्रूज भारत और बांग्लादेश के पांच राज्यों में 27 नदी प्रणालियों से गुजरते हुए 3200 किलोमीटर की लंबी यात्रा करेगा।

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