गया के सिद्धांत हैं कम उम्र के दुनिया के श्रेष्ठ युवा उद्यमियों में से एक

बिहारी जुनून

दुनिया भर की टेक कंपनियों के बीच मशहूर बिहार के गया के रहने वाले 20 साल के यूवक ने कभी अपने सपने को पूरा करने के लिए हाई स्कूल की पढ़ाई तक छोड़ दी थी। और आज दुनिया के श्रेष्ठ युवा उद्यमियों में गिना जाता है।

दुनिया भर की कई बड़ी कंपनियों के कांफ्रेंस में भाषण दे चुके सिद्धांत वत्स हमेशा अपने दिल की सुनते हैं। उनका मनना है की लोगों की कहानियों को देख, सुन, समझ कर स्कूल और कॉलेज के बच्चों को बहुत फायदा होतो है।

इसलिए वो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं जहां दुनियाभर के लोग अपनी सफलता की कहानियां एक दुसरे के साथ बाटें।

12 साल की उम्र से ही सिद्धान्त ने छोटे बच्चों को कम्प्यूटर, गणित और इंग्लिश की बेसिक शिक्षा देना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपनी माँ के द्वारा चलाये जा रहे शिक्षा स्वास्थ एव सामाजिक कार्यो के लिए काम करने वाली NGO, फलक फाउंडेशन में भी अपना सहयोग दिया।

सिद्धान्त के माता रत्ना पुरकायस्था दूरदर्शन केंद्र में कार्यरत हैं और पिता श्रीवत्स संजय इंडियन पर्यटक मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर जनरल है।
सिद्धान्त वत्स ने अपने दो दोस्तों के साथ मिल कर दुनिया की पहली स्मार्ट वाच कंपनी एंड्रोइडली सिस्टम बनायीं जो एंड्राइड पर चलने वाली स्मार्ट वाच बनाती है। इस वाच से आप समय देखने के साथ फोन करना इन्टरनेट चलाना, व्हाट्सएप्प चलाना, गाने सुनना और वो सारे काम कर सकते हैं जो एक स्मार्ट फोन पे किया जाता है।

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