जिस थाने में पिता हैं SI उसी थाने में बनी DSP और कर दिया अपने पिता का नाम रोशन

कही-सुनी

Patna: माता-पिता के लिए वो सबसे अच्छा पल होता है जब उनको बच्चों के नाम से पहचाना जाता है| साथ ही हर माँ बाप का यही सपना भी होता है कि उनके बच्चे सफलता को प्राप्त कर लें और अपने  भविष्य को संवार लें| आज हम आपको एक ऐसी ही एक महिला DSP के बारें में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत से अपने पिता का नाम रोशन किया और उनका सर फ़क्र से ऊंचा कर दिया| आइए जानते हैं इस होनहार DSP के बारें में|

बहुत ही प्रेरणादायी कहानी है शाबेरा अंसारी की

शाबेरा अंसारी उत्तरप्रदेश में बलिया ज़िले की रहने वाली हैं और साथ ही एक ऐसी महिला हैं जिसने यह साबित कर दिया कि सिर्फ लड़के ही नहीं अपितु लड़कियां भी अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सकती हैं| बता दें कि शाबेरा मध्यप्रदेश में इंदौर ज़िले के लसूड़िया पुलिस थाने में SI के पद पर कार्यरत अशरफ अली की पुत्री हैं| और मज़े की बात यह है कि इसी पुलिस थाने में शाबेरा DSP के पद पर कार्यरत हैं|

लॉकडाउन के कारण एक ही थाने में हुई थी पोस्टिंग

दरअसल अशरफ अपनी पुत्री शाबेरा से मिलने के लिए उनके ज़िले में आए| लेकिन तभी भारत में भी लॉकडाउन की घोषणा हो चुकी थी और साथ ही कोरोना का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा था| इसलिए जब वह अपनी बेटी से मिलने गए तो पुलिस मुख्यालय की तरफ से उन्हें उसी ज़िले में काम करने के ऑर्डर दिये गए, क्यूंकि लॉकडाउन में आना जाना संभव नहीं था| तभी अशरफ की पोस्टिंग भी उसी थाने में हुई जहां उनकी बेटी शाबेरा DSP के पद पर रहकर देश की सेवा कर रही थी|

ड्यूटी के दौरान करते हैं अपने कर्तव्यों का निर्वहन

वैसे तो कई जगह देखने को मिलता है कि यदि किसी का कोई रिश्तेदार किसी ऊंची पोस्ट पर है तो वह उस बात का फायदा उठाने की कोशिश करता है और अपने देश के साथ अन्याय करता है लेकिन शाबेरा और उनके पिता हमेशा अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पूरा करते हैं| ड्यूटी के दौरान शाबेरा के पिता उन्हें सलाम भी करते हैं और ड्यूटी के बाद शाबेरा के हाथ का बना हुआ खाना भी खाते हैं| बता दें कि शाबेरा भी पहले SI के पद पर ही कार्यरत थी लेकिन उसके बाद उन्होंने PCS की परीक्षा दी और DSP का पद हासिल किया|

Source: City News Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *