आज हम आपको बताने जा रहे हैं बिहार के सासाराम, रोहतास के रहने वाले Shyamanand के बारे में जो खेल की दुनिया में बिहार का नाम रोशन करने के साथ ही बिहार के काबिल युवाओं के लिए प्रेरणा श्रोत बन रहे हैं।

2018 में भारत विजेता ( champion of campinos , open waitght category) और
Wako India Pro National Kickboxing Champinoship 2018 , under 75kg चैंपियन के साथ साथ ही कई और कॉम्बैट स्पोर्ट्स में चैंपियन बन चुके Shyamanand अपने टैलेंट को और निखारने के लिए अभी बैंगलोर में इंडियन कॉम्बैट स्पोर्ट्स अकादमी में कोच जितेश बंजन और विगनेश नाथन के अंडर MMA (Mixed martial arts) की ट्रेनिंग ले रहे हैं ताकि अंतराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में अपने देश को पदक दिला सकें।

Shyamanand ने बताया की उनके परिवार में माता-पिता के अलावा एक बड़ा भाई और एक बहन हैं।
वह कहते हैं- ” जब मैं इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने की बात अपने परिवार को बताई तब किसी को विश्वास नहीं था की मैं कभी सफल हो पाउँगा। कुछ लोग तो मुझ पर हॅसते भी थे, लेकिन वही आज मेरी पीट थपथपाने के लिए सबसे आगे रहते हैं।”

सफलता कभी भी आसानी से नहीं मिलती। उसी तरह Shyamanand की ज़िन्दगी की डगर भी आसान नहीं थी। करियर के शुरूआती दिनों में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। कई बार हार भी नसीब हुई। बिहार में रहते हुए उन्हें अच्छी ट्रेनिंग नहीं मिल पा रही थी और बाहर जाकर ट्रेनिंग लेना इतना आसान नहीं था। लेकिन फिर भी उनकी लगन और मेहनत देखकर उनके परिवार ने उन्हें 2015 में बैंगलोर के इंडियनकबत स्पोर्ट्स अकादमी में दाखिला दिला दिया। और फिर Shyamanand ने वहां से कभी मुड़ कर पीछे नहीं देखा। बस सफलता की नई इबारतें लिखते गए।

कई नेशनल चैंपियनशिप जीतने के बाद Shyamanand का सिलेक्शन Kickboxing वर्ल्ड कप के लिए हुआ जो की इस साल मई में रूस में होगा। इसके साथ ही उन्हें Asian Games 2018 में भी खेलने का मौका मिल रहा है जिसमें वो इंडिया को jiu-jitsu खेल में रिप्रेजेंट करेंगें। इस बार एशियाई गेम्स इंडोनेशिया में होने वाला।

Shyamanand अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच, अपने परिवार और दोस्तों समेत उन सभी को देते हैं जो किसी भी तरह उनकी ज़िन्दगी से जुड़े हैं। Shyamanand कहते हैं- “मुझे सब से कुछ न कुछ सिखने को मिला। मैं अपने ऊपर हशने वालों का और मेरा साथ देने वाले, सभी का बहुत ही आभारी हूँ। उन्ही की वजह से मई इतना स्ट्रांग और दृढ़निश्चय वाला बन सका।”

हम पूरे बिहार और अपने देश की तरफ से Shyamanand को शुभकामनाएं देते हैं की आगे भी इसी तरह वो विजय पताका फहराते रहें।

 

 

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