देशभर में महाशिवरात्रि पर्व शुक्रवार को मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन के महाकाल मंदिर के पट शुक्रवार तड़के 2.30 बजे खोल दिए गए। अब यह पट शनिवार रात 11 बजे बंद होंगे,यानी लगातार 44 घंटे बाबा के दर्शन होंगे।  इस दौरान भगवान शिव को दूल्हे के रूप में सजाया गया है। महाकालेश्वर में गर्भगृह में प्रवेश बंद रखा गया है। 22 फरवरी को सुबह सेहरा दर्शन होंगे। इसी दिन दोपहर 12 बजे भस्म आरती होगी। साल में एक बार ही भस्म आरती दोपहर में होती है।  


महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान महाकाल के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। दर्शन के लिए गुरुवार रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार शुरू हो गई थी। प्रत्येक श्रद्धालु को सामान्य कतार में 2 घंटे और 250 रुपए से सशुल्क दर्शन में 1 घंटे का समय लग रहा है। सामान्य, सशुल्क दर्शन तथा वीआईपी पास की कतारें हरसिद्धि चौराहे से शुरू हो रही है। 28 साल बाद महाशिवरात्रि शश योग में मनाई जा रही है। ज्योतिषविद् अर्चना सरमंडल के अनुसार शनि और चंद्रमा की युति से शश योग का निर्माण हो रहा है। 


पूजा में शामिल होंगे प्रभारी मंत्री 
जिले के प्रभारी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा दोपहर में महाकाल मंदिर पहुंचेंगे। वे मंदिर में होने वाली शासकीय पूजा के लिए पूजा की थाली भी साथ लेकर आएंगे। पूजा में शामिल होने के बाद मंत्री वर्मा रवाना हो जाएंगे।  

  • कतार में प्रवेश : हरसिद्धि चौराहा से (सामान्य, शीघ्र दर्शन व वीआईपी पास)
  • शीघ्र दर्शन पास : 250 रुपए का पास हरसिद्धि चौराहा पर मंदिर के काउंटर से लें।

मंदिर में आरती पूजन का समय
21 फरवरी :
भस्मआरती : तड़के 2.30 बजे। दद्योदय आरती : सुबह 7 बजे। भोग आरती : 10.30 बजे। शासन की ओर से भगवान का अभिषेक : दोपहर 12 बजे। सिंधिया और होल्कर की ओर से अभिषेक पूजन : शाम 4 बजे सांध्य आरती : शाम 7.30
(इस रात शयन आरती नहीं होगी। मंदिर के पट खुले रहेंगे। रात 11 बजे से भगवान का महाशिवरात्रि महापूजन होगा, जो 22 फरवरी को तड़के तक चलेगा।)


22 फरवरी : भगवान के सेहरा दर्शन : सुबह 6-11 बजे से। दद्योदय आरती : सुबह 7.30 बजे। भस्मआरती : दोपहर 12 बजे। भोग आरती : दोपहर 2 बजे। सांध्य आरती : शाम 7.30 बजे। शयन आरती : रात 10.30 बजे

Sources:-Dainik Bhasakar

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