शिरडी वाले साईं बाबा के जन्मस्थान पाथरी के विकास हेतु 100 करोड़ दिए जाने से शिरडीवासियों को यह डर सताने लगा है कि कहीं पाथरी का महत्त्व बढ़ने से शिरडी का महत्त्व कम न होने लग जाए। इसी विरोध में रविवार से शिरडी कस्बे को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का आह्वान किया गया है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने परभणी जनपद के पाथरी गांव को साईं बाबा का जन्मस्थान मानते हुए उसके विकास के लिए 100 करोड़ देने की घोषणा की है। यह घोषणा शिरडीवासियों को रास नहीं आ रही है। उनका तर्क है कि साईं बाबा ने जब खुद कभी यह स्पष्ट ही नहीं किया कि उनका जन्मस्थान कहां है, तो पाथरी को आस्था के दूसरे केंद्र के रूप में विकसित करने की जरूरत ही क्या है?

शिरडी साईं ट्रस्ट के लोग एवं साईं बाबा में आस्था रखनेवाले लोग साईं बाबा के जीवन पर लिखी गई एकमात्र पुस्तक साईं सच्चरित्र का उल्लेख करते हुए कहते हैं कि इस पुस्तक में भी साईं जन्मस्थान का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता। तो उनके जन्मस्थान के रूप में नया केंद्र स्थापित करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। अहमदनगर के सांसद डॉ.सुजय विखे पाटिल ने भी साईं बाबा के जन्मस्थान का विवाद जानबूझकर खड़ा करने का आरोप राज्य सरकार पर लगाते हुए कानूनी लड़ाई की धमकी दे दी है।

बता दें कि पिछले वर्ष ही शिरडी के साईं बाबा की समाधि के 100 वर्ष पूरे होने पर भव्य उत्सव मनाया गया था। जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी शामिल हुए थे। कभी अहमदनगर जिले में एक छोटा से गांव रहा शिरडी आज साईं मंदिर के कारण महाराष्ट्र का एक बड़ा तीर्थस्थल बन चुका है।

जहां प्रतिदिन कम से कम 25000 लोग एवं विशेष अवसरों पर ढाई से तीन लाख लोग प्रतिदिन साईं बाबा के दर्शन करने पहुंचते हैं। मंदिर में तो लाखों का चढ़ावा चढ़ता ही है, भक्तों की बड़ी संख्या के कारण ही शिरडी का स्वरूप भी बदल चुका है। बड़े-बड़े होटल एवं दुकानें खुल गई हैं। रेलवे स्टेशन एवं विमानतल बन चुके हैं। प्रतिदिन आधा दर्जन से ज्यादा उड़ाने शिरडी से होती हैं। इससे क्षेत्रीय लोगों का आर्थिक विकास भी हुआ है। अब पाथरी को साईं बाबा के जन्मस्थान के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा से उन्हें लग रहा है कि इससे शिरडी का महत्त्व कम होगा। इसीलिए पूरा शिरडी कस्बा सरकार के इस फैसले को सहजता से स्वीकार नहीं कर पा रहा है।

जानकारी हो कि महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे के एक बयान के विरोध में शिरडी में रविवार को बंद बुलाया गया है। इसके बावजूद यहां साई बाबा  का मंदिर खुला है। साथ ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगना जारी है। दरअसल, मुख्‍यमंत्री ठाकरे ने प्रभानी स्‍थित पथरी को साई बाबा का जन्‍मस्‍थान बताया है। इससे पहले वर्ष 2018 में यहां राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी बाबा का जन्‍मस्‍थान पथरी को ही बताया था।

Sources:-Dainik Jagran

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