शिक्षक ने 22 साल छोटी शिष्या से की शादी, लोगों को याद आई मटुकनाथ-जूली की प्रेम कहानी

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रोसड़ा शहर के एक गुरुजी ने अपने से 22 वर्षीय छोटी शिष्या से शादी रचा कर एक बार फिर से मटुकगिरी को जीवंत कर दिया है। ट्यूशन पढ़ने आई छात्रा को वर्षों तक प्रेम का पाठ पढ़ाकर आखिरकार ब्‍याह रचा डाला। वर्षों से परवान चढ़ रहे संगीत कुमार (42) और श्वेता (20) की प्रेम कहानी का खुलासा तब हुआ जब छात्रा की मां वीणा रानी ने रोसड़ा थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई।

मां ने दर्ज कराई गुमशुदगी तो गुरु-शिष्‍या पहुंचे थाने

 

छात्रा की मां वीणा रानी ने आवेदन में बताया कि उनकी बेटी रोज की तरह शिक्षक संगीत कुमार के पास ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थी, लेकिन गुरुवार को वापस घर नहीं लौटी। पुलिस हरकत में आई तो गुरु- शिष्या भी थाने पहुंच गए और एक-दूसरे के साथ शादी कर जीवन भर साथ रहने की बात कही। इसके कुछ ही देर बाद ही थाना परिसर में स्थित थानेश्वरी मंदिर में दोनों की शादी की रस्में शुरू हो गईं। मंदिर के पंडित ने विधि-विधान से सात फेरे संपन्न कराए। इस दौरान दर्जनों लोग उपस्थित थे।

लोगों को याद आए मटुकनाथ और जूली

गुरुवार को हुई गुरु-शिष्या की शादी शहर में चर्चा का विषय बनी रही। लोग इस शादी को मटुकनाथ और जूली के प्यार से जोड़ रहे हैं। शहर के रहने वाले संगीत कुमार पत्नी की मृत्यु के बाद एकाकी जीवन जी रहे थे। वहीं, दूसरी ओर छात्रा श्वेता रानी अपने माता-पिता के साथ किराए के मकान में रहती है।

इस पूरे मामले में प्रभारी थाना अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद ने बताया कि लड़की की मां वीणा रानी के दिए गए आवेदन पर फोन के माध्‍यम से संगीत कुमार और श्वेता रानी को थाने में तलब किया गया था। दोनों ने एक-दूसरे से प्यार करने और स्वेच्छा से साथ रहने की जानकारी दी है। इस संबंध में संयुक्त रूप से आवेदन देने के पश्चात दोनों थाने से चले गए।

ये थी मटुकनाथ-जूली की प्रेम कहानी

मटुकनाथ-जूली की प्रेम कहानी साल 2006 में उजागर हुई थी। जब मटुकनाथ पटना विश्वविद्यालय में हिन्दी के प्रोफेसर थे और जूली उनकी शिष्या थीं। जो उनसे आधी उम्र की थीं। दोनों की प्रेम कहानी उजागर होते ही मीडिया की सुर्खियां बन गई थी। मटुकनाथ ने शिष्या जूली से शादी के लिए अपने बसे-बसाए परिवार का साथ छोड़ दिया था। वहीं, जूली के परिवार वालों ने भी बेटी से रिश्ते तोड़ लिए थे। यहां तक कि मटुकनाथ के मुंह पर कालिख तक पोती गई थी और विश्वविद्यालय ने भी उन्‍हें निलंबित कर दिया गया था।

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