साइना नेहवाल बोलीं, आखिरी पलों में कोच पुलेला गोपीचंद की खास सलाह से जीत हासिल हुई.

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मारिन के खिलाफ मुकाबले के बारे में साइना ने कहा कि वह काफी तेज और आक्रामक खिलाड़ी हैं. मैं काफी समय बाद उनका सामना कर रही हूं. ऐसे में यह मैच मेरे लिए चुनौतीपूर्ण होगा. आसान नहीं होगा. उनके साथ अन्य भी चैंपियन और बेहतरीन खिलाड़ी हैं. मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगी.

अग्रणी भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल का कहना है कि लंबे समय बाद वह स्पेन की दिग्गज कैरोलीना मारिन से भिड़ेंगी और वह इस विश्व चैंपियनशिप में खिलाड़ी से मिलने वाली चुनौती के लिए तैयार हैं. साइना ने खुलासा करते हुए कहा कहा कि उन्हें मैच के आखिरी पलों में कोच पुलेला गोपीचंद की खास सलाह से जीत हासिल हुई. बता दें कि साइना का सामना शुक्रवार को विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप महिला एकल वर्ग के क्वार्टर फाइनल में मारिन से होगा. वर्ल्ड नम्बर-10 सायना अपने अच्छे फॉर्म में हैं और उन्होंने थाईलैंड की रतचानोक इंतानोन को गुरुवार को प्री-क्वार्टर फाइनल में 21-16, 21-19 से मात देकर अंतिम-8 में प्रवेश किया.

इंतानोन से हुए मुकाबले पर सायना ने कहा कि अच्छी जीत थी. निश्चित तौर पर इंतानोन अपने भ्रमित रखने वाले खेल के लिए जानी जाती हैं. मेरा अटैक अच्छा था. वह भी काफी मुश्किल शॉट खेल रही थीं, सायना ने कहा कि जब उनका स्कोर इंतानोन के खिलाफ 19-19 से बराबरी पर था, उस दौरान उनके कोच पुलेला गोपीचंद की सलाह ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि कोच गोपीचंद की रणनीति के अनुसार मैंने मैच खेला और जीत हासिल की. मैं इसके लिए उनका शुक्रिया अदा करती हूं. सायना का सामना मारिन से पिछली बार 2017 में डेनमार्क ओपन के समय हुआ था। इसमें भारतीय खिलाड़ी ने जीत हासिल की थी. दोनों के बीच अब तक कुल 9 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिसमें से पांच में साइना ने जीत हासिल की है.

मारिन के खिलाफ मुकाबले के बारे में साइना ने कहा कि वह काफी तेज और आक्रामक खिलाड़ी हैं. मैं काफी समय बाद उनका सामना कर रही हूं. ऐसे में यह मैच मेरे लिए चुनौतीपूर्ण होगा. आसान नहीं होगा. उनके साथ अन्य भी चैंपियन और बेहतरीन खिलाड़ी हैं. मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगी. साइना ने जोर डालने पर गोपीचंद द्वारा दी गई सलाह का भी खुलासा किया.

साइना ने खुलासा करते हुए कहा कि दूसरे गेम में जब मुकाबला 19-19 की बराबरी पर था, तो गोपीचंद ने आखिरी दो प्वाइंट हासिल करने में बहुत ही अहम रोल निभाया. यह कुल मिलाकर रणनीति थी. मैंने ठीक वही किया, जो गोपी सर ने मुझे करने को कहा. और इससे मैं मैच जीतने में कामयाब रही.

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