शारदीय नवरात्र 29 सितंबर को कलश स्थापना के साथ ही शुरू हो जाएगी। विजयादशमी आठ अक्टूबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित उमाशंकर पांडेय ने इस वर्ष के नवरात्र में कई सर्वसिद्धि के योग बनेंगे। नौ दिनों तक श्रद्धालु मां के विभिन्न रूपों की पूजा होगी। इसमेंं मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि के नौ अलग-अलग रुप हैं। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। इसके बाद लगातार नौ दिनों तक मां की पूजा व उपवास किया जाता है। दसवें दिन कन्या पूजन के पश्चात उपवास खोला जाता है। श्रवण नक्षत्र में मां दुर्गा प्रस्थान करेंगी। इस कारण प्रजा का मन अशांत रह सकता है। देश की राजनीति में उथल-पुथल हो सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की शक्ति बढ़ेगी।


देवी मंदिरों के रंग-रोगन में जुटे सदस्य

ग्रामींण क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों के रंग-रोगन का काम भी शुरू कर दिया गया है। इसको लेकर पेंटरों द्वारा मंदिरों को आकर्षक बनाने का कार्य जोर शोर पर है। ग्रामींण क्षेत्रों में भी सदस्य मंदिर परिसरों की साफ- सफाई में जुट गए हैं। क्योंकि शारदीय नवरात्र 29 सितंबर से 8 अक्टूबर तक मनेगा। नौ दिनों में मां दुर्गा के नवरूपों के पूजन व उपवास का विधान है। ऐसी मान्यता है कि इससे सुख, शांति, यश, वैभव, मान-सम्मान आदि प्राप्त होता है।



देवी देवताओं की प्रतिमा बनाने में जुटे मूर्तिकार

शक्ति की देवी मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमा बनाने में मूर्तिकार जुट गए हैं। रामराज्य माेड़ के पास मूर्तिकार एक से बढ़कर एक मूर्ति बनाने में लगे है। अभी से ही पूजा पंडाल बनाने का काम भी शुरू हो गया है। दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों की व्यस्तता बढ़ गई है। शहर के विभिन्न स्थानों पर मूर्ति कलाकार अपने सहयोगियों के साथ मां दुर्गा के अलावे सरस्वती जी, लक्ष्मी जी, गणेश जी, कार्तिकेय जी, शिव जी, पार्वती जी, महिषासुर, बाघ आदि की प्रतिमाएं बनाने का काम शुरू है।


बंगाल व सीवान के कलाकर बना रहे पंडाल

शहर में बन रहे पंडाल का निर्माण कार्य बंगाल के कारीगरों द्वारा किया जा रहा है। शहर के 50 जगहों पर लगभगकमोबेस लगभग मजहरूल हक बस स्टैंड, बबुनिया मोड़, पी देवी, आंदर ढ़ाला, सिसवन ढ़ाला, तरवारा मोड़, महादेवा सहित शहर के अन्य जगहों पर पंडाल के रूप में देश एवं विदेश के विभिन्न मंदिर एवं दर्शनीय स्थलों का मॉडल बनाया जा रहा है। पूजा समितियां आकर्षक पंडाल बनाने में जुटी हैं। पंडाल को उत्कृष्ट बनाने में समितियों में होड़ मची हुई है। दुर्गा पूजा समिति से जुड़े सदस्यों ने बताया कि बारिश को देखते हर कोई सुरक्षित पंडाल बनाने की तैयारी में है।

Sources:-Dainik Bhasakar

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