शादियों पर भी पड़ी महंगाई की मार, लग्न मंडप से लेकर खाने की प्लेट तक हुई 20 प्रतिशत महंगी

जानकारी

बिहार में शादी-विवाह में इस बार सजावट, बैंडबाजा से लेकर खाना-पीना सब महंगा हो गया है। इन सभी पर बीते साल की तुलना में इस साल 20 से 30 फीसदी महंगाई की मार पड़ी है। 19 नवंबर से शादियां शुरू हो रही हैं। इस महीने लगातार सात लग्न हैं। दिसंबर में छह शुभ मुहूर्त हैं। दो महीने में 13 लग्न हैं। इसके कारण बुकिंग तेज हो गई है। बैंड बाजा पर आठ से दस हजार, कैटरर पर 200 रुपये प्लेट, लाइट डेकोरेशन और सजावट पर खर्च लगभग दोगुना बढ़ चुका है। इसके अलावा वाहनों की बुकिंग भी 20 फीसदी महंगी हो गई है।

किराना का सामान भी चढ़ा

किराना सामान में बीते एक साल में बीस से पचीस प्रतिशत बढ़ोतरी का असर अब शादियों के खाने के प्लेट पर भी पड़ा है। शादियों में खाना सौ रुपये से ढाई सौ रुपये के बीच महंगा हो गया है। कैटरर संचालक बबलू कुमार ने बताया कि हर चीज महंगी हो गयी है। बीते साल लग्न में खाना प्रति प्लेट 650 रुपए से आठ सौ रुपये व टैक्स था। इस बार बढ़कर साढ़े सात सौ रुपये से एक हजार रुपये और टैक्स लग रहा है। कैटरर शंकर कुमार कहते हैं कि लोग खाने के प्लेट का बजट संतुलित रखने के लिए खाने के आइटम में बदलाव और कटौती कर रहे हैं।

 

सजावट व एंट्री थीम में बढ़ोतरी

थीम वेडिंग प्लानर कमलेश सिंह ने बताया कि इस बार सजावट की लागत तीन गुनी बढ़ गई है। कच्चे फूल से लेकर आर्टिफिशियल फूल, कपड़े, टिशू सब के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। कच्चा फूल जो 60 से 70 रुपए बंडल मिलता था, वह अब 120 रुपए में मिल रहा है। शादी में जरबेरा फूल की डिमांड अधिक रहती है। यह फूल अभी 130 से 140 रुपए बंडल मिल रहा है। लग्न शुरू होते ही 170 रुपए तक चला जाएगा।

आर्टिफिशियल फूल के दाम 20 फीसदी बढ़े हैं। 90 रुपए वाला पैकेट 130 रुपए में मिल रहा है। 20 रुपए मीटर वाला कपड़े 26 का हो गया। इन सभी के दाम बढ़ने से सजावट महंगी पड़ रही है। ज्यादातर विवाह भवन, बैंक्वेट भवन साल में दो बार थीम सेटअप चेंज करते हैं। इस बार रिंग थीम, रजवाड़ा थीम, राधा कृष्णा के एंट्री थीम, पालकी थीम, लोट्स टीम, फेयरी टेल्स थीम, राजस्थानी थीम की डिमांड लोगों में ज्यादा है। वहीं सभी एंट्री थीम की कीमत 15 हजार से शुरू हो जाती है 

 

टेंट दो लाख के बदले ढाई लाख में

न्यू पटना क्लब के अनिल कुमार ने बताया कि बीते साल डेकोरेशन जो दो लाख में होता था, इस साल ढाई लाख का पड़ रहा है। कपड़ा, कार्पेट, बांस के दाम से लेकर मजदूरी तक बढ़ गयी। इसके कारण डेकोरेशन महंगा हो गया है। वहीं बैंड संचालक पप्पू अग्रवाल ने बताया कि लग्न में 35 हजार से कम का कोई बैंड नहीं है। यहां तक कि एक-एक लाख लिया जा रहा है। बुकिंग भी तेज है। बीते साल के लग्न से इस साल बैंड बुकिंग महंगी हुई है।

दूल्हे की गाड़ी भी महंगी 

बिहार टूरिज्म एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक तिवारी ने बताया कि पटना में दूल्हे की गाड़ी के लिए बीएमडब्ल्यू या ऑडी की डिमांड बढ़ी है। 25 हजार में यह गाड़ी पटना के लिए बुक हो रही है। बीते साल यही गाड़ी 20 हजार में बुक हो रही थी। इसका किराया 20 फीसदी महंगा हुआ है। स्कार्पियो और बोलोरो पटना के लिए पांच हजार में बुक हो रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने से भाड़ा बढ़ा है। लोगों को वाहनों पर 20 फीसदी अधिक भाड़ा चुकाना पड़ रहा है।

 

शादी सीजन विवाह भवन भी महंगे

शादी सीजन के लिए विवाह भवन, बैंक्वेट हॉल तैयार हो गए हैं। कोरोना संक्रमण के कारण बीते दो सालों की मंदी के बाद इस बार बैंक्वेट हॉल की बुकिंग फुल हो चुकी है। शादी की बढ़ती मांग का असर विवाह भवनों की बुकिंग पर भी पड़ा है। इस बार मैरिज गार्डेन, बैंक्वेट हॉल, विवाह भवनों की बुकिंग में दस प्रतिशत से ज्यादा इजाफा हो चुका है। पचास हजार का विवाह भवन साठ हजार रुपये में बुक हो रहा है।

 

बिहार टेंट पंडाल वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव नॉलेज कुमार कहते हैं कि एक-एक मैरिज गार्डेन, बैंक्वेट हॉल की इस सीजन में दस से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए आठ से दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। भागवत नगर के भागवत बैंकट हॉल की नेहा सिन्हा कहती हैं कि पिछले वर्ष की स्थगित शादियों के लिए लोग बुकिंग करा रहे हैं। कोरोना काल में बुकिंग चार्ज में 50 प्रतिशत की छूट दी गई थी। लेकिन अब बुकिंग चार्ज में बदलाव आ चुका है। रिवाल्विंग थीम की कीमत 10 हजार से 61 हजार रुपये के बीच है

 

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