शोहरत व पैसा दोनों कमा रहे पटना के वर्चुअल गुरु, पटना के खान सर और सुशांत कुमार भारद्वाज

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कोरोना काल ने पटना के कई गुरुओं को वर्चुअल दुनिया में इस तरह स्थापित कर दिया कि अब वे शोहरत और पैसा दोनों कमा रहे। एक ओर बंद स्कूली कैंपसों में आना जाना छूट गया तो दूसरी ओर अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता बच्चों की पढ़ाई लिखाई बनी। ऐसे में पटना के कई शिक्षकों ने मौके पर चौका लगाते हुए शिक्षण के वर्चुअल माध्यम को अपनाया।

अब स्थिति यह है कि इन गुरुओं की ऑनलाइन डिमांड बढ़ती जा रही है। आईआईटी, सीए, मेडिकल, सिविल सेवा और विभिन्न प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिये अभिभावकों की भी यह तेजी से पसंद बनी। एकल परिवारों में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य रक्षा को देखते हुए पटना के अभिभावकों का रुझान बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई की ओर बढ़ा है। आलम यह है कि डिमांड बढ़ने से वर्चुअल दुनिया में स्थापित हो चुके पटना के कई शिक्षक आज लाखों की कमाई कर रहे हैं। कई निजी शिक्षण संस्थान अब हाईब्रिड मोड में कक्षाएं चला रहे हैं।

आईआईटी में कैंपस सेलेक्शन को पहुंची कंपनियां आईआईटी में पिछले सीजन के कैंपस चयन में अनएकेडमी और बॉयजूज जैसी कंपनियों ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया। ऑनलाइन शिक्षण में लोकप्रिय इन कंपनियों ने मोटे पैकेज पर छात्र छात्राओं का चयन किया। आज कई इंजीनियर इन कंपनियों से वर्चुअल शिक्षण के लिये जुड़े हैं।

ब्यूटी टिप्स, संगीत और पाक कला की कक्षाएं

वर्चुअल पढ़ाई में केवल अब पारंपरिक अध्ययन अध्यापन तक ही सीमित नहीं रहा। ब्यूटी टिप्स, संगीत और पाक कला से जुड़ी कई कक्षाएं अकेले या सामूहिकता में ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही हैं। कई गृहिणियां पहले घर से बाहर जाकर सिखाने से गुरेज करतीं थी लेकिन ऑनलाइन माध्यमों से वे शिक्षण प्रशिक्षण पाठशाला संचालित कर रहीं हैं। कोरोना काल में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी सजकता से लाइव कक्षाओं के जरिये फीटनेस मंत्र भी दिये जा रहे हैं। योग और नृत्य की ऑनलाइन कक्षाएं जहां सीखने वाले के लिए सस्ती और सुविधाजनक हुई हैं वहीं गृहिणियों के कौशल प्रदर्शन और कार्यकुशलता से कई घरों की आय में काफी बढ़ोतरी हुई है।

घर में ही बना लिया वर्क स्टूडियो

रामजयपाल नगर में रहने वाले शिक्षक सुशांत कुमार भारद्वाज पटना के विभिन्न संस्थानों में छात्र-छात्राओं को कॉमर्स पढ़ाते थे। कोरोना काल में संस्थानों के बंद होने से पढ़ाना लिखाना छूट गया। अध्यापन से होने वाली आय बंद हो गई तो मुश्किल होने लगी। उन्होंने एक ऑनलाइन शिक्षण से जुड़ी कंपनी में साक्षात्कार दिया और आज उस कंपनी में मोटे पैकेज पर काम कर रहे हैं। कॉमर्स की पढ़ाई के लिये देश के विभिन्न क्षेत्रों के छात्र उनसे जुड़े हैं। सुशांत कुमार भारद्वाज ने अपने फ्लैट के एक कमरे को अध्यापन कक्ष बना लिया है और तन्मयता से हर दिन ऑनलाइन शिक्षण कर रहे हैं। बोरिंग रोड, आशियाना नगर, अशोक राजपथ, महेंदू और आसपास के कई शिक्षक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियां वर्चुअल माध्यम से अब भी करा रहे।

विदेश तक पहुंची खान सर की लोकप्रियता

पटना के खान सर की लोकप्रियता उनके यूट्यूब चैनल पर देखी जा सकती है। परंपरागत तरीके से हटकर हंसी मजाक में गंभीर विषयों को पढ़ाने के उनके चुटीले अंदाज की लोकप्रियता खूब है। किसी भी टॉपिक की पढ़ाई के दौरान किसी तथ्य विशेष को समझाने में उनके कंटेट खूब वायरल हुए। खान सर के एक विडियो के कई मिलियन व्यूअर हैं।

● एकल परिवारों में बच्चों की सुविधा, सुरक्षा की वजह से अभिभावकों की भी बनी पसंद

● योग्य शिक्षकों को कंपनियां दे रही आकर्षक पैकेज

● कोरोना काल में शिक्षण का तेजी से बदला ट्रेंड, कोराना बाद भी बढ़ती रही रफ्तार

● प्रतियोगी परीक्षाओं तक की करा रहे हैं तैयारी

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