विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बगहा के विकास वैभव चौराहा पर गजेंद्र यादव के नेतृत्व में वृक्षारोपण सह संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसमें मुख्य अतिथि वाल्मीकि नगर विधानसभा के विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह थे. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बगहा के एसडीएम घनश्याम मीणा, वाल्मीकि व्याघ्र एवं वन विभाग के रेंजर संजीव कुमार तथा सुषमा सिंह थे. कार्यक्रम में विकास वैभव चौराहा पर वृक्षारोपण के बाद संगोष्ठी का आयोजन किया गया. जहाँ काफी संख्या में युवा मौजूद थे.

बता दें कि, 2007 में जब विकास वैभव बगहा के एसपी बनकर आये थे तब इस इलाके को चम्पारण का चंबल कहा जाता था. यह चौराहा तब सुनसान और अपराधियों का अड्डा बना हुआ था. लोग दिन में भी उधर से गुजरने से डरते थे. उसी इलाके के गजेन्द्र यादव ने, जो पर्यावरण को लेकर खासे सजग थे, उस चौराहे और आसपास के इलाकों में पौधा लगाने का काम शुरू किया. गजेन्द्र यादव ने तत्कालीन एसपी विकास वैभव से मिलकर उस चौराहे की समस्या बताई और कहा कि अपराधियों की वजह से वहां से गुजरना भी मुश्किल हो गया है.

अपने कर्तव्य के प्रति सजग तत्कालीन एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए न सिर्फ उस चौराहे तो अपराधियों से मुक्त कराया बल्कि गजेन्द्र यादव को और पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित भी किया. यहां 7 लाख पेड़ लग चुके हैं. आज यह इलाका गुलजार है. दुकानें सज गई हैं. पेड़ पौधे बड़े हो गए और इसने एक सुन्दर बाजार का रूप ले लिया है. विकास वैभव की वजह से अब दिन में क्या, देर रात तक दुकानें खुली रहती हैं. यहां बहार भी है और व्यापार भी. गजेन्द्र यादव कहते हैं कि स्थानीय लोगों और गांववालों ने तय किया कि इस चौराहे का नाम विकास वैभव चौराहा रख दिया जाए, ताकि आने वाले अधिकारी भी इससे प्रेरणा ले सकें.

विकास वैभव ने अपने कार्यकाल में बगहा को न सिर्फ अपराधियों से मुक्त कराया बल्कि समाज के लिए कई काम भी किए. यही वजह थी उनका ट्रांस्फर होने पर बगहा के लोगों ने आंदोलन किया था. यानि आज भी बगहा के लोग उस एसपी को याद करते हैं जिसका नाम विकास वैभव है.

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