सेलेक्‍शन के बाद भी नहीं मिल रही सरकारी शिक्षक की नौकरी, बेगूसराय में 13 उम्‍मीदवारों का फंसा

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बिहार में चल रही शिक्षक बहाली में अगर आपका सेलेक्‍शन हो गया है तो यह जरूरी नहीं कि आपको नौकरी मिल ही जाए। बेगूसराय में एक-दो नहीं बल्कि 13 उम्‍मीदवारों के साथ ऐसा हुआ है। काउंसलिंग प्रक्रिया में चयनित होने के बाद भी आखिरी वक्‍त में इनका नियुक्ति पत्र रोक दिया गया है। इन युवाओं को सरकारी स्‍कूल में शिक्षक की नौकरी बिल्‍कुल हाथ में आते-आते दूर जाती दिख रही है। अब इन युवाओं को नौकरी मिलेगी, या नहीं, इस पर फैसला जिला शिक्षा अधिकारी को लेना है

प्रमाणपत्र मिलान के दौरान फंस गया मामला

खूब चालाकी की। आवेदन, मेरिट, काउंसलिंग की प्रक्रियाओं में सभी तरह से फिट बैठे। काउंसलर ने उन्हें चयनित भी कर लिया। मगर प्रमाणपत्र मिलान के दौरान 13 चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को पर विभागीय पदाधिकारियों को संशय हो गया। आनन-फानन में संबंधित नियोजन इकाइयों से संपर्क कर उनका नियोजन पत्र रुकवाया गया। मुंह तक निवाला पहुंचने के बाद अचानक से हाथ पकड़ लेने से परेशान अभ्यर्थी मामले को लेकर डीईओ के पास पहुंच गए। डीईओ ने जांच करवाई और सोमवार को सभी को सुनवाई के लिए बुलाया।

जिला शिक्षा अधिकारी लेंगी अंतिम फैसला

शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार जिन 13 चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था, उसमें से 12 उपस्थित हुए थे। सुनवाई पूरी हो चुकी है। अभ्यर्थियों ने उनके प्रमाणपत्रों में पाई गई खामियों पर अपनी सफाई दी है। मगर अंतिम फैसला जिला शिक्षाधिकारी पर रुक गया है। डीईओ शर्मीला राय ने कहा कि जो नियम में फिट बैठेंगे उन्हें नियोजन पत्र दे दिया जाएगा। इस पर विचार किया जा रहा है। वहीं, डीपीओ स्थापना रङ्क्षवद्र कुमार ने बताया कि इन अभ्यर्थियों के शैक्षिक, प्रशैक्षिक एवं जातीय, आवासीय प्रमाणपत्रों में संशय है। जांच पूरी हो चुकी है। जिला शिक्षाधिकारी का आदेश मिलते ही सभी को स्पष्ट कर दिया जाएगा कि उन्हें नियुक्तपत्र दिया जा सकता है या नहीं।

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