आज भी रहस्य हैं देवी के ये 4 शक्तिपीठ, कोई नहीं जानता कहां है ये जगह

आस्था

मां दुर्गा के बारे में कई पौराणिक कहानियां धर्म ग्रंथों में मिलती हैं। शास्त्रों के अनुसार, मां सती के मृत शरीर के 52 टुकड़े गिरे जो शक्तिपीठ कहलाए, इनमें से 18 को महाशक्तिपीठ माना जाता हैं।

इन शक्तिपीठों पर सालभर भक्तों की भीड़ लगी रहती है।

लेकिन क्या आप जानते हैं, 52 शक्तिपीठों में से 4 ऐसे भी हैं जो आज भी अज्ञात हैं। वे आज कहां और किस रास्ते में हैं, यह बात कोई नहीं जान पाया।

रत्नावली शक्तिपीठ:

मां सती के इस शक्तिपीठ के बारे में कहा जाता है कि यहां देवी का कंधा गिरा था। ये अंग मद्रास के आस-पास कहीं गिरा था। लेकिन सही जगह अभी तक पता नहीं चल पाई है।

कालमाधव शक्तिपीठ:

कहते हैं यहां देवी सती कालमाधव और शिव असितानंद नाम से विराजित हैं। माना जाता है कि यहां मां सती का बांया कूल्हा गिरा था। ये स्थान भी अज्ञात है।

लंका शक्तिपीठ:

श्रीलंका में स्थित है लंका शक्तिपीठ, जहां माता का नूपुर गिरा था। यहां की शक्ति इन्द्राक्षी तथा भैरव राक्षसेश्वर हैं। लेकिन, उस स्थान ज्ञात नहीं है कि श्रीलंका के किस स्थान पर गिरे थे। शास्त्रों में इस शक्तिपीठ का उल्लेख है। लेकिन इसकी वास्तविक स्थिति का पता नहीं है।

पंचसागर शक्तिपीठ:

कहते हैं यहां सती का निचला जबड़ा गिरा था। शास्त्रों में इस शक्तिपीठ का उल्लेख है। यहां देवी को मां वरही कहा जाता है। लेकिन ये जगह कहां है कोई नहीं जानता।

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