स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी पर जेडीयू-बीजेपी में तकरार, उपेंद्र कुशवाहा बोले- संस्कृत महाविद्यालों में भी अष्टमी-प्रतिपदा पर अवकाश

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बिहार के सीमांचल में मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में स्थित 500 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में रविवार के बजाय शुक्रवार को छुट्टी होने पर घमासान मचा हुआ है। इस विवाद से एनडीए में तल्खियां और बढ़ गई है। जेडीयू और बीजेपी के नेता अलग-थलग दिख रहे हैं। जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी सहयोगी पार्टी बीजेपी से राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि संस्कृत महाविद्यालयों में भी अष्टमी और प्रतिपदा को छुट्टी होती है।

रिपोर्टों के अनुसार पूर्णिया-किशनगंज समेत सीमांचल क्षेत्र में 500 से अधिक सरकारी स्कूलों में शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश मनाया जा रहा है। ये स्कूल मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में स्थित हैं और इनमें पढ़ने वाले अधिकतर बच्चे भी मु्स्लिम हैं। बीजेपी से राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने कहा कि सरकारी छुट्टियां धर्म के आधार पर नहीं होती हैं। अगर ऐसा होता है तो यह बहुत ही सांप्रदायिक फैसला है और इसे वापस लेना चाहिए।

जेडीयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने इसके जवाब में ट्वीट कर लिखा कि इस मुद्दे पर फालतू का विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है। सिर्फ उर्दू स्कूलों में ही शुक्रवार को छुट्टी नहीं होती है। संस्कृत महाविद्यालयों में भी हर महीने की प्रतिपदा और अष्टमी को छुट्टी रहती है। इसे सिर्फ मुद्दा बनाने के लिए बयानबाजी करनी है तो अलग बात है। जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने भी कुशवाहा के इस बयान का समर्थन किया।

जेडीयू कोटे से नीतीश सरकार में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जिला शिक्षा अधिकारियों से ऐसे स्कूलों की लिस्ट मांगी है, जहां रविवार के बजाय जुमे को अवकाश दिया जा रहा है।

जेडीयू MLC खालिद अनवर ने कहा कि बिहार में जब से शिक्षा प्रणाली स्थापित हुई, तब से यहां दो तरह के स्कूल चलते हैं। इनमें उर्दू और हिंदी मीडियम स्कूल शामिल हैं। हिंदी मीडियम स्कूलों में जहां रविवार को साप्ताहिक अवकाश होता है, वहीं उर्दू मीडियम विद्यालयों में शुक्रवार को ही छुट्टी होती है। ये परंपरा आजादी के बाद से चली आ रही है। इस पर अब विवाद क्यों हो रहा है।

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