स्कूलों की मनमानी? 2020 में दो हजार रुपये फीस देने वाले 2022 में भरेंगे 3 हजार, एक साल का फीस जमा करने का दे रहे नोटिस

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बेटी का एडमिशन 2020 में कक्षा एक में कराया था। दो हजार रुपये उस समय स्कूल का ट्यूशन फीस था। इस बार जब बेटे का नामांकन कराने गया तो तीन हजार रुपये शुल्क बताया गया है। यही नहीं, एडमिशन फीस 15 हजार से बढ़ाकर इस बार 22 हजार रुपये लिया जा रहा है। इतना पैसा कहां से भरूंगा। कोरोना में नौकरी चली गई, किसी तरह बच्चों की पढ़ाई के लिए जुगाड़ कर रहा हूं। दो साल में हमारी आमदनी घट गई, ऑनलाइन क्लास चलते रहे, लेकिन स्कूल का फीस कमने की बजाए बढ़ता ही रहा है। मुजफ्फरपुर जिले के सूतापट्टी निवासी अम्बिका यह कहते हुए आक्रोशित हो उठते हैं।

कोरोना काल में निजी स्कूल भले बंद रहे, लेकिन फीस बढ़ोतरी चालू रही। नए शैक्षणिक सत्र में नामांकन की शुरुआत जिले के विभिन्न स्कूलों में शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही अभिभावकों का आक्रोश भी सामने आने लगा है। नए शैक्षणिक सत्र में नामांकन शुल्क से लेकर ट्यूशन फीस में दो साल में 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि गाइडलाइन के अनुसार सात फीसदी ही शुल्क बढ़ाया गया है, वहीं अभिभावकों ने कहा कि सात फीसदी बढ़ोतरी से दो साल में एक हजार रुपये फीस कैसे बढ़ गया। कई स्कूलों में सभी शुल्क मिलाकर 50 फीसदी तक बढ़ोतरी 2020 से 2022 के बीच हो चुकी है। यही नहीं, अधिकतर स्कूलों में वार्षिक परीक्षा से पहले अभिभावकों को पिछले सत्र के एक साल के सभी तरह की फीस जमा करने को नोटिस दिया जा रहा है।

 

 मेंटनेंस शुल्क से लेकर लैब तक का शुल्क वसूला जा रहा

पुरानी बाजार की श्वेता कहती हैं कि बेटी छठी कक्षा में है। 2020 में 2500, 2021 में 2800 और इस बार 3 हजार फीस जमा करने के लिए नोटिस भेजा गया है। हर साल शुल्क बढ़ाया ही गया है। साल में दो बार ऑनलाइन कक्षा में भी मेंटनेंस शुल्क और लैब शुल्क समेत चार्ज लिए गए हैं। पहले लॉकडाउन में कहा गया था कि मेंटनेंस शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन हर तीन महीने पर कम्प्यूटर लैब के नाम पर 300-300 रुपये लिए गए।

 

फीस बढ़ोतरी से पहले बैठक करने का था निर्देश

रीमा कुमारी, अनिलेश कुमार, सुजीत कुमार समेत अनेक अभिभावकों ने कहा कि फीस बढ़ोतरी से पहले अभिभावकों के साथ बैठक का आदेश दिया गया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इधर, इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल के सचिव सुमन कुमार समेत विभिन्न स्कूल प्रबंधन ने कहा कि सरकार की गाइडलाइन के तहत सात फीसदी ही हर बार शुल्क बढ़ाया गया है।

विभिन्न कक्षा में 2020 और 2022 का शुल्क

पहली से तीसरी कक्षा 

2020 में 1800-2200 तक 

2022 में : 2400 से 3200 तक

चौथी-पांचवीं कक्षा 

2020 में  2400-03 हजार तक

2022 में 2600-3400 तक 

 

छठी से 10वीं 

2020 में 2500 से 3500 तक  

2022 में तीन से चार हजार लिया जा रहा

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