स्‍कूलबंदी के दौरान का भी मिड डे मील पाएंगे बिहार के डेढ़ करोड़ बच्‍चे, DBT के जरिए सीधे खाते में आएंगे रुपए

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बिहार के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त सभी प्रारंभिक विद्यालयों के बच्चों को स्कूलबंदी के दौरान भी मध्याह्न भोजन का लाभ मिलेगा। पूरे जनवरी और 15 फरवरी तक उनके मध्याह्न भोजन के अनाज और खाना पकाने के परिवर्तन मूल्य का लाभ राज्य सरकार जल्द ही देगी। अनाज विद्यालयों में वितरित किया जाएगा जबकि परिवर्तन मूल्य की राशि छात्र-छात्राओं के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने सोमवार को इस बाबत जिला शिक्षा पदाधिकारियों को विस्तृत आदेश जारी किया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जनवरी एवं फरवरी (15 तारीख तक) के कुल 34 कार्य दिवस के लिए अनाज एवं खाना पकाने की लागत (परिवर्तन मूल्य) की राशि राज्य के करीब 72 हजार प्रारंभिक विद्यालयों में नामांकित करीब डेढ़ करोड़ बच्चों को दिया जाएगा। खाद्यान्न और परिवर्तन मूल्य की राशि तय मानक के अनुरूप सभी बच्चों को दी जाएगी। पहली से पांचवीं के बच्चों के एमडीएम के लिए 100 ग्राम अनाज जबकि 4.97 रुपए खाना पकाने के लिए निर्धारित है। इस प्रकार 34 दिन के मध्याह्न भोजन के एवज में प्राथमिक स्कूल में नामांकित हर बच्चे को 3.4 किलो अनाज दिया जाएगा। वहीं डीबीटी के माध्यम से इनके बैंक खाते में परिवर्तन मूल्य के 169 रुपए दिये जायेंगे

 

खाद्यान्न वितरण के लिए प्रचार-प्रसार किया जाए

अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि खाद्यान्न वितरण के लिए आवश्यक प्रचार-प्रसार किया जाय। यह सुनिश्चित करना होगा कि हर अभिभावक को अनाज वितरण की पूर्व सूचना मिल सके। विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा खाद्यान्न वितरण पंजी के अनुसार भोजन की योजना का मासिक प्रपत्र ‘क’ भरना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रखंड साधनसेवी एमआईएस में इसकी प्रविष्टि करेंगे।

253 रुपए दिए जायेंगे

बकौल अपर मुख्य सचिव कक्षा 6 से आठ के हर बच्चे के लिए 150 ग्राम रोज एमडीएम का अनाज व 7.45 रुपए खाना पकाने का निर्धारित है। 34 दिन के भोजन के एवज में मध्य विद्यालय के प्रत्येक बच्चों के अभिभावक को 5.1 किलो अनाज दिया जाय। इनके खाते में 253 रुपए दिए जायेंगे।

 

खाद्यान्न के लिए अपने साथ थैला जरूर लाएं

अपर मुख्य सचिव ने सभी डीईओ से कहा है कि सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय के लिए कक्षावार तिथि निर्धारित कर खाद्यान्न वितरण करें। रोस्टर के अनुसार नामांकित बच्चों के अभिभावक को विद्यालय में बुलाकर खाद्यान्न का वितरण करें। यह सुनिश्चित करें कि किसी प्रकार से वितरण में बच्चे न शामिल हों। अभिभावक खाद्यान्न ले जाने के लिए अपने साथ थैला जरूर लाएं

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