सावन में मंगलवार को भगवान शिव के रुद्र अवतार इस तरह करें पूजा और पढ़ें कथा

आस्था

सावन के महीने में भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है. आज सावन का पहला मंगलवार और मंगला गौरी व्रत भी है. हिंदू धर्म के अनुसार, मंगलवार हनुमान जी का दिन है. इसलिए आज के दिन लोग बजरंगबली की पूजा अर्चना कर रहे हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी भगवान शिव के ग्यारहवें रुद्र अवतार हैं. यानी कि शिव जी का अंश हैं. भगवान विष्णु के आशीर्वाद से ही शिव जी ने उनकी सेवा के लिए हनुमान रूप में जन्म लिया था जबकि विष्णु जी ने राम भगवान के रूप में.

शिव के रुद्र अवतार हनुमान की पौराणिक कथा के अनुसार, हनुमान जी को भगवान शिव का अवतार माना गया है, क्योंकि रामभक्त हनुमान की माता अंजनी ने भगवान शिव की घोर तपस्या की थी और उन्हें पुत्र के रूप में प्राप्त करने का वर मांगा था. तब भगवान शिव ने पवन देव के रूप में अपनी रौद्र शक्ति का अंश यज्ञ कुंड में अर्पित किया था और वही शक्ति अंजनी के गर्भ में प्रविष्ट हुई थी. फिर चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हनुमानजी का जन्म हुआ था.

एक अन्य, पौराणि‍क कथा के अनुसार रावण का अंत करने के लिए भगवान विष्णु ने राम का अवतार लिया था. उस समय सभी देवताओं ने अलग-अलग रूप में भगवान विष्णु ने राम का अवतार लिया था. उस समय सभी देवताओं ने अलग-अलग रूप में भगवान राम की सेवा करने के लिए अवतार लिया था.

उसी समय भगवान शंकर ने भी अपना रूद्र अवतार लिया था और इसके पीछे वजह थी कि उनको भगवान विष्णु से दास्य का वरदान प्राप्त हुआ था. हनुमान उनके ग्यारहवें रुद्र अवतार हैं. इस रूप में भगवान शंकर ने राम की सेवा भी की और रावण वध में उनकी मदद भी की थी.

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