कहते हैं भगवान शंकर ने खुद विष पीकर संसार को था बचाया, बहुत पवित्र होता है सावन का महीना

आस्था

वैशाली के पातेपुर में स्थित राम जानकी मठ में झूलनोत्सव में पहुंचने पर पातेपुर राम जानकी मठ के महंथ विश्व मोहन दास के नेतृव में बिहार विधान सभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी का भव्य स्वागत किया गया।

झूलन महोत्सव में उपस्थित विधान सभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने संबोधित करते कहा कि सावन का महीना हिंदुओं के लिए बहुत ही पवित्र महीना होता है क्योंकि सावन मास में देवता अमृत की प्राप्ति के लिए समुंद्र मंथन किए थे जिसमें अमृत के साथ हलाहल यानि विष का घड़ा भी मिला था।

अमृत तो सभी बांट लिए किन्तु विष को कौन पिए इसके लिए सभी देवताओं ने भगवान भोलेनाथ को विष से निजात दिलाने के लिए विनती की और शिव ने विष के घड़े को भगवान शंकर ने अपने कंठ में स्थापित कर लिया और नीलकंठ हो गए। उनके मस्तिष्क को ठंडा रखने के लिए ही सावन माह में भोले नाथ पर जलाभिषेक किया जाता है।










उन्होंने कहा कि हम सब शुरू से प्रकृति पूरक रहे है। आज भी हम लोग सूर्य और चंद्र की पूजा करते है क्योंकि सूर्य सबसे बड़ा देवता है अगर वह चार दिन छिप जाए तो दुनिया समाप्त हो जाएगी।

प्रकृति सबसे ज्यादा ऊर्जावान एवं सक्रिय सावन में होता है क्योंकि सावन में केवल पेड़ पौधे में ही नहीं अपितु छोटे- छोटे जीव- जन्तु का भी विकास होता है।



मनुष्य को एक दूसरे की भलाई करना ही धर्म है। परहित सरस धर्म नहीं भाई। सभा को राजगीर के मठाधीश आचार्य सुखदेव मुनि जी महाराज, पंडित राजेंद्र झा, देवेन्द्र झा, महंथ विश्व मोहन दास, जदयू पूर्व अध्यक्ष अशोक चौधरी, जगन्नाथ प्रसाद चौधरी, प्रवीण कुमार सिंह, छोटू, कृष्ण मोहन मिश्र, पातेपुर थानाध्यक्ष रणधीर कुमार भट्ट, बलिगांव थानाध्यक्ष अजय कुमार वहां मौजूद थे।



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