इस बार का सोमवार है विशेष, देशभर के शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़; सालों बाद बना ऐसा संयोग

आस्था

इस साल सावन के पवित्र महीने का आज पहला सोमवार है। ऐसा कहा जाता है कि सोमवार को विधिपूर्वक भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से उनके भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। राजधानी दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित शिवमंदिरों में सुबह से ही भोले के भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। लोग भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। इस बार का सावन के महीने में श्रेष्ठ संयोग बताया जा रहा है। सावन इस बार शनिवार से शुरू हुआ है, जो अपने आप में खास होता है। दूसरे इस बार सावन में 5 सोमवार होंगे और तीसरे यह कि ऐसा 19 साल बाद संयोग बना है।

कई जगहों पर हल्की बारिश भी हो रही है, लेकिन मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं है और भक्त शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्रों के साथ शिव की पूजा कर रहे हैं। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लाइन लगी हुई है और लोग भोले शंकर का जयकारा कर रहे हैं। भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर के आस-पास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

वहीं दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर में भी सावन के पहले सोमवार पर भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए लाइन में खड़े हुए हैं। कानपुर में भक्तों ने आनंदेश्वर मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया और कई भक्त लाइन में अपनी बारी का इंतजार करते हुए नजर आए। वैसे तो सावन की शुरूआत 28 जुलाई से ही हो गई थी लेकिन पहला सोमवार आज होने के कारण लोग भोले शंकर का जलाभिषेक कर रहे हैं। 26 अगस्त को सावन माह का अंतिम सोमवार होगा और इसी दिन रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार भी है।

भगवान शिव को प्रकृति का देवता माना जाता है इसलिए इसका असर प्रकृति पर भी दिखता है। सावन मास की उत्पत्ति श्रावण नक्षत्र से हुई है जिसका स्वामी चंद्र होता है। चंद्रमा भगवान शंकर के मस्तक पर विराजमान है इसलिए भी इसे शिव का प्रिय महीना माना जाता है। सावन महीने में ही माता पार्वती ने भगवान शिव से विवाह किया था।

इस बार का सोमवार क्यों है विशेष-:

इस सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई को है। इस दिन सौभाग्य योग बन रहा है। सौभाग्य योग बहुत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। विवाह का मुहूर्त निकालते समय इस योग का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस मुहूर्त में शादी करने से गृहस्थ जीवन सुखमय रहता है। वहीं सावन के सोमवार में इस मुहूर्त में पति-पत्नी साथ में शिवलिंग की पूजा करें तो उन्हें भोले भंडारी सहित मां पार्वती की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है।

शतभिषा नक्षत्र में पड़ने के कारण सौभाग्य योग बन रहा है। शतभिषा नक्षत्र में सौ तारे माने जाते हैं। माना जाता है कि इस नक्षत्र में की गयी उपासना से तारे सितारे बेहतर हो जाते हैं। इसके अलावा वैद्यों से इसका सम्बन्ध होने के कारण हर तरह के रोग से निजात मिलती है। शतभिषा नक्षत्र में सावन का पहला सोमवार आकस्मिक बाधाओं से मुक्ति भी दिलाएगा।

सावन के सोमवार की पूजा विधि-:

सावन के महीने में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से पहले सूर्य देव को जल चढ़ाएं इसके बाद शिवमंदिर जाकर तांबे के पात्र में गंगाजल में सफेद चंदन मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाए। शिवजी को धतूरा भी काफी पसंद होता है इसलिए शिवजी की कृपा पाने के लिए इसे जरूर चढ़ाएं। सावन के महीने में वैसे तो दूध चढ़ाने की परंपरा है। इसके अलावा शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से जीवन में सभी तरह की सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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