अमरपुर के सिझुआ गांव की सविता को गोपालन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते हुए मिसाल बनाने को लेकर 16 जुलाई को नई दिल्ली के न्यू ऑडिटोरियम एनएएससी कॉम्प्लेक्स में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय कृषि पुरस्कार के लिए चयन किया गया। उन्हें प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। कल तक जो महिला गोपालन कर बेहतर दुग्ध उत्पादन की उपाधि पाकर नाम कमा रही थी, वे आज पूरे देश के लिए मिसाल बनने जा रही हैं।

सविता सिर्फ गोपालन ही नहीं कर रही है, अपनी दो एकड़ जमीन पर डेयरी के साथ-साथ कई कृषि कार्य भी करती हैं। इससे उन्हें गाय को देने के लिए हरा चारा के लिए भटकना नहीं पड़ता है। उन्होंने गाय को पौष्टिक तत्व की कमी न हो, इसके लिए हरा चारा के तौर पर घास के भी कई प्रकार को डेयरी परिसर में ही लगा रहा है। इसमें मशरुम, साग, भिंडी, गोभी सहित अन्य प्रकार की सब्जी के साथ-साथ गाय को हरा चारा देने के लिए अजोला घास, नेपियर घास भी है।

प्रधानमंत्री के हाथों पुरस्कृत होने की घोषणा के साथ ही रविवार को अधिकारियों का दल उनके घर पहुंचने लगा। अाज जिले भर से लोग अब उनके घर पर गोपालन के गुर सीखने पहुंचने लगे हैं। सविता बताती है कि वे अपने डेयरी से 70 से 80 लीटर दूध समिति के माध्यम से सुधा डेयरी को दे रही हैं।

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