सावन में भगवान शिव को ऐसे चढ़ाएंगे बेलपत्र तो दुख हो जाएंगे दूर

कही-सुनी

भगवान शिव को बेल पत्र परमप्रिय है। शिव पुराण के अनुसार सावन माह के सोमवार को शिवालय में बेलपत्र चढ़ाने से एक करोड़ कन्यादान के बराबर फल मिलता है।

बेलपत्र का चमत्कारी वृक्ष हर कामना को पूरी करता है। यही नहीं उसके पत्तों को गंगा जल से धोकर उन्हें बजरंगबली पर अर्पित करने से मिलता है तीर्थों का फल।
बेल के पेड़ की जरा सी जड़ सफेद धागे में पिरोकर रविवार को पहनें इससे रक्तचाप, क्रोध और असाध्य रोगों से निजात मिलेगा। बिल्व पत्र को श्री वृक्ष भी कहा जाता है।
बिल्व पत्र का पूजन पाप व दरिद्रता का अंत कर वैभवशाली बनाने वाला माना गया है। घर में बेल पत्र लगाने से देवी महालक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं। इन पत्तों को लक्ष्मी का रूप माना जाता है।
इन्हें अपने पास रखने से कभी धन-दौलत का अभाव नहीं होता। इसके बारे में संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मुख से कहलवाया है, ‘शिवद्रोही मम दास कहावा. सो नर सपनेहु मोहि नहिं भावा.’ अर्थात: जो शिव का द्रोह करके मुझे प्राप्त करना चाहता है।
वह सपने में भी मुझे प्राप्त नहीं कर सकत।  इसीलिए श्रावण मास में शिव आराधना के साथ श्रीरामचरितमानस पाठ का बहुत महत्व होता है

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