सात समंदर पार छठ महापर्व की धूम, अपनी माटी का त्योहार मना रहे भारतीय

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आस्था के महापर्व छठ के अवसर पर  विदेशों में रह रहे बिहारियों के घर-आंगन सज गए हैं। छठ पूजा की तैयारी में महिलाओं के साथ पुरुष, बच्चे भी जुट गए हैं। कहीं कोई कमी नहीं रह जाए, इसे लेकर फोन से घरवालों से लगातार संपर्क साधे हुए हैं कि अम्मा ये बताओ..मिट्टी का चूल्हा नहीं मिल रहा तो गैस पर प्रसाद बन सकता है ना। हां दादी…यहां भी केराव से लेकर अदरक तक मिल रहा है। सब खरीद कर ले आया हूं। विदेशों में भी रहकर इस तरह अपनी परम्परा निभा रहे बिहारवासियों के कारण आस्था और श्रद्धा का यह महापर्व बिहार की सांस्कृतिक पहचान के साथ वैश्विक पहचान बन गया है। पता ही नहीं चलता है कि गांव और विदेश में पर्व के आयोजन में कोई अंतर भी है।

न्यू जर्सी में पार्क में बनाते हैं पूजा का प्रसाद

न्यू जर्सी में रह रही भगवानपुर की स्मिता ने बताया कि गांव में जिस तरह दादी-नानी को छठ करते हुए देखा, उसी परम्परा का यहां निर्वाह कर रही हूं। आज हमलोगों ने मिलकर पूजा के बर्तन धोए। यह बर्तन साल में एक बार ही निकलता है, इसलिए उसकी अच्छे से सफाई की, क्योंकि शुक्रवार को तो नहाय-खाय में लगे रहेंगे। स्मिता के घर पर रह पूजा की तैयारी में लगी कल्पना, शिखा, रेवती, टीना, मौसमी कहती हैं कि हमारी तैयारी दीवाली के अगले दिन से ही शुरू हो जाती है

सिडनी में पोखर किराए पर लिया जा चुका है। इस पोखर पर 40-50 परिवार एक साथ इकह्वा होते हैं। बिहार-झारखंड के अलग-अलग जिलों और गांव के लोग जब यहां एक साथ छठ पर मिलते हैं तो घाट पर बिहार का गांव सज जाता है। कलमबाग चौक निवासी मल्लिका पिछले सात साल से यहां रह रही हैं। इस बार तो छठ की तैयारी यहां दो सप्ताह पहले से चल रही है, क्योंकि इस बार मालिनी अवस्थी का घाट पर लाइव प्रोग्राम होगा। अर्पिता, पूनम कहती हैं कि सिडनी में छठ करते हुए यह हमारा 9वां साल है। जितने लोग शायद बिहार में प्रसाद खाने के लिए इकट़ठा नहीं होते, उससे ज्यादा यहां आते हैं।

दुबई के इंडियन स्टोर में हो रही खरीदारी

दुबई में रह रही मझौलिया की आरती कहती हैं कि पहले लगता था कि छठ पर घर नहीं गए तो कुछ छूट गया। नौकरी और बच्चों की पढ़ाई के कारण हर बार जा नहीं पाती मगर यहां बसे बिहार और झारखंड के परिवारों के कारण अब लगता ही नहीं कि छठ पर घर से दूर हूं। अब तो यहां 20 से अधिक परिवार हैं जो एक साथ मिलकर छठ करते हैं। इंडियन स्टोर से पूजा सामग्री की खरीदारी कर रहे रोहित, दीपक कहते हैं कि इक्का-दुक्का सामान छोड़ दें तो सारी सामग्री यहां मिल जाती है।

डिजिटल मिलन समारोह की तैयारी

अमेरिका में दस सालों से रहे राजीव छठ के मौके पर डिजिटल मिलन समारोह की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने दोस्तों की मदद से छठ पूजा का एप बनाया गया है। एप में छठ पर्व का पूरा ब्योरा दिया गया है। त्योहार करने वाले परिवारों को एप के सहारे जोड़ा जा रहा है। अमेरिका के विभिन्न शहरों में रहने वाले भारतीय एप से एक दूसरे से बात करते हुए महापर्व की तैयारी कर रहे हैं। पर्व के नियम निष्ठा को लेकर आपस में जानकारी साझा किया जा रहा है।  ग्रोटन स्थित साइ मंदिर में पूजा की तैयारी चल रही है। राजीव बताते हैं कि अमेरिका और अन्य देशों से आने वाले उनके परिचित लोग भी छठ की छटा से प्रभावित होकर त्योहार के कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

 

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