हाजीपुर में गरीब बच्चों की उम्मीद और हौसलो की उड़ान भरने की पूरी निष्ठा से लगी सरिता राय

जागरूकता

पटना: उड़ान के माध्यम से बचपन को बचाने ,सवारने और सजाने के लिए कार्य किया जा रहा हैं उसकी व्याख्या शब्दों में करना मुश्किल है। अमित कुमार से खास बात चित मे सरिता राय ने कहा कि

बच्चे देश के भविष्य हैं और उनके भविष्य को बनाने/बचाने के लिए हम लोग को एक जुट होने की जरूरत है साथ ही समाज के सभी लोगो को इस मुहीम मे साथ देने के लिए तैयार रहना होगा।
समाजसेवी सरिता राय सोचती है कि प्रत्येक घर में सुख शांति समृद्धि का वास्, हो प्रत्येक भूखे को भोजन प्राप्त हो। प्रत्येक अशिक्षित व्यक्ति शिक्षित हो। आपस में भाईचारा और प्रेम हो बस इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए एक छोटा सा अलग प्रकार का प्रयास कर रही है सरिता शिक्षा के माध्यम से समाज के अंदर सकरात्मक सन्देश देने की एक कोशिश कर रही है सरिता राय।

वर्ष 2009 से ही सरिता राय कर रही समाज सेवा बचपन से ही समाज सेवा का जज्बा दिल में रखने वाली सरिता राय को हाथ पर हाथ रखकर बैठना गंवारा नहीं था। बचपन से हीं सरिता राय का रुझान समाज सेवा की तरफ था पढाई पूरी होने के बाद बच्चों को पढ़ाने का काम शुरू की |ऐसे में उन्होंने मातृ भूमि की सेवा करने के लिए  समाज सेवा करने का संकल्प लिया। पहले गरीब और जरूरतमंद लोगों के घर-घर जाकर तो अब सोशल मीडिया का सहारा लेकर गरीब-गुरबो झुग्गी-झोपड़ी रहने वाले बच्चों को अपनी टॉपर स्टडी पॉइंट उड़ान संस्था के बैनर तले शिक्षा देकर उन्हें शिक्षा की ओर जागृति पैदा कर रही है जहा सैकड़ो बच्चे शिक्षा भी  पा रहे है।

जीवन में  ऊँचा और सकारात्मक सोंच रखने वाली सरिता राय का मानना है कि अगर हमारे देश का प्रत्येक बच्चा शिक्षित हो जाये हो हमारा देश खुद-ब खुद विकसित बन जायेगा। बच्चों को पढ़ाने के दौरान सरिता राय को अहसास हुआ की हमारे समाज में बहुत सारे एसे बच्चे तथा बच्चियां है जो बहुत कुशाग्र होते हैं पर घर के ख़राब हालात के कारण उनकी पढाई अधूरी रह जाती है ।

कुछ इस तरह हुई उड़ान टॉपर स्टडी पॉइंट मुहीम की शुरुवात

समाज में गरीब बच्चों के शिक्षा की स्थिति देख कर सरिता राय ने 2009 में एक नई संस्था  “उड़ान टॉपर स्टडी पॉइंट” शुरू करने की सोंची जिसमे वैसे बच्चे ,जो किसी कारणवश अपनी पढाई पूरी नहीं कर पाते हैं ,वैसे बच्चों जो कचड़ा बीनते है, होटलों में काम करते है या फिर किसी के घर पर काम करते है उस तरह के बच्चों को इकठ्ठा करना शुरू कर दिया इस तरह से सरिता राय ने 100 बच्चों को इकठ्ठा किया ।

इसमें सबसे ज्यादा परेशानी उनके  बच्चों के माता-पिता को समझाने में आई क्युकी उन्हें लगता था की अगर बच्चे पढाई करने लगेंगे तो बच्चों जो कही काम कर के पैसा कमाते है वो रुक जायेगा और जब बच्चे पैसे कमा ही लेते हैं तो उन्हें पढने की क्या जरुरत है । पर धीरे-धीरे सरिता राय बच्चों के माता-पिता को समझाने में कामयाब रही और आज हर दिन एक दो नए बच्चे उनके पास पढने आ जाते हैं ।

उड़ान टॉपर स्टडी पॉइंट का मुख्य उद्देश्य

सरिता राय शिक्षा को जीवन के लिए एक उपहार समझती है गरीब एवं असहाय परिवारों में जाकर छोटे बच्चे को इकठ्ठा करना और उनको नामांकित करने के बाद हर रविवार को उनको पढ़ाना ताकि जो उनका शिक्षा का अधिकार है वो उनको मिल सके और किसी अच्छे स्कुल में उनका नामांकन हो सके वैसे बच्चों को स्कूल तक पहुचाने ही उड़ान टॉपर स्टडी पॉइंट का मुख्य उद्देश्य है |

सरिता राय ने बिहार स्टोरी टीम को बताया  कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले परिवार के के 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के  बच्चों  को शिक्षा के अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा देने का प्रावधान है । लेकिन निजी स्कूलों में मनमानी व जागरूकता के अभाव में यह योजना धरातल पर साकार होती नही दिख रही है । अमीरों के बच्चे तो निजी स्कूल में शिक्षा हासिल कर लेते हैं । लेकिन गरीब वर्ग के बच्चों की यह सुविधा नही मिल पारही है । गरीब वर्ग के बच्चे जानकारी के अभाव में स्कूल तक नही पहुंच पाते । व्यापक रूप में जागरूकता फैला कर ही इस समस्या का हल निकाला जा सकता है । यही वजह है की टॉपर स्टडी पॉइंट (उड़ान ) ने निस्वार्थ भाव से  उन गरीब और असाहय गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए पहल की है।

सरिता राय की टीम में जुड़ते जा रहे लोग

आज सरिता राय के  उड़ान टॉपर स्टडी पॉइंट के टीम में सदस्यों की संख्या 8 है ।

पटना लॉ कॉलेज से लॉ की पढाई कर चुकी सरिता राय की ये मुहीम हाजीपुर के अलावा पटना के आम्बेडकर कॉलोनी में भी चलाती है । सरिता राय वैसे बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाई है जिनका कभी स्कूली ज्ञान से कोई नाता नहीं रहा हो उन बच्चों के बीच शिक्षा के साथ-साथ सरिता राय पाठ्य-सामग्री भी निःशुल्क उपलब्ध कराती है साथ हीं उन बच्चों के माता-पिता को भी बच्चों को पढ़ाने के प्रति जागरूक करती है ।

अपनी आमदनी भी संस्था के लिए करती है कुर्बान

सरिता राय खुद बतौर शिक्षिका की नौकरी एक प्राइवेट कोचिंग सेंटर में करती हैं और इस से जो आमदनी आती है उसे भी वो यहां हाजीपुर टॉपर स्टडी पॉइंट उड़ान सामाजिक सेवा संस्थान के तहत किये जा रहे समाज सेवा में लगा देती है ।

संस्था के सचिव सरिता राय बताती है की  शिक्षा के अधिकार के प्रति जागरूकता जरूरी है ।उनकी पूरी कोशिश है कि इन बच्चों के ये अहसास हो की बाल दिवस उन्हीं के लिए है ताकि बाल मजदूरी से ये बाहर निकले तभी ‘पढोगे तो आगे बढ़ोगे’ का सपना साकार हो सकेगा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.