लड़कियों के बारे समाज की दकियानूसी सोच तोड़ रहा सैमसंग का ये एड

कही-सुनी
बचपन से ही लड़कियों को एक खास कवच में पालने की आदत पुरानी है। उसी खास रुढ़िवादी कवच को तोड़ने की एक बड़ी प्यारी-सी कोशिश की है सैमसंग के इस नये एड ने, जिसे अब तक 13 लाख से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं।

‘सपने हुए बड़े’ टाइटल से बना ये एड लोगों का दिल जीत रहा है। इस ऐड को यूट्यूब पर अब तक 13 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं।इस ऐड को राजस्थान की पृष्ठभूमि पर बनाया गया है। वैसे तो पूरे देश में लड़कियों का एक सा हाल है लेकिन, राजस्थान लड़कियों की बदतर स्थिति के लिए कुख्यात है। यह ऐड उन लड़कियों को प्रेरणा दे सकता है जो स्कूल में जैसे-तैसे अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए जूझ रही हैं। जिन लड़कियों पर कम उम्र में ही शादी करने का दबाव बनाया जाता है। राजस्थान में कम उम्र में शादी के कारण कारण बहुत सी लड़कियों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है। जिस उम्र में उन्हें आगे की पढ़ाई करनी चाहिए, वे घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियों में फंस जाती हैं। इसके लिए सिर्फ और सिर्फ हमारी मानसिकता जिम्मेदार है।

“लड़कों की दुनिया… लड़कों के काम… लड़कियां ये नहीं करतीं… लड़कियां वो नहीं करतीं… ये तो तुमसे नहीं होगा… इसे लड़कों पर ही छोड़ दो… ये लड़कों का काम है… मर्दाना चाल-ढंग छोड़ दो… मर्दाना किताबें बस्ते में बंद कर दो… मर्दाना किताबें, मर्दाना नौकरियां उनके लिए नहीं… लड़कियों की जगह तो रसोईं में ही है… चुल्हा-चौका ही है उनकी ज़िंदगी…” इस तरह की कई बातें अक्सर हमारे आसपास सुनने को मिल जाती हैं।

लेकिन आज मर्द और औरतों के लिए निर्धारित कर दिए गए कामों के बीच की दरार टूट रही है। आज औरतें घर चलाने के अलावा मशीन भी चला रही हैं और फाइटर प्लेन भी उड़ा रही हैं। जरूरत है तो बस उन्हें एक मौके की।

सैमसंग इंडिया ने अपने सैमसंग टेक्निकल स्कूल इनीशिएटिव के लिए सरकार के साथ एक समझौता किया है। सैंमसंग के कई राज्यों जैसे राजस्थान, केरल, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के टेक्निकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के साथ मिलकर 10 स्कूल चला रहा है।

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