सलमान की मदद से पटना की शैली को मिली नई जिदंगी, गल गई थी ब्रेन की हड्डी

जिंदगी

सलमान खान बॉलीवुड की जान। सभी प्यार से इन्हें भाई कहते हैं। इसी भाई ने पटना की बहन के लिए फरिस्ते बन कर मदद की है । वैसे भी सलमान अपनी मदद करने के लिए मशहूर हैं।

इस बार उन्होंने बिहार की राजधानी की बेटी की मदद की है। पटना के गर्दनीबाग की रहनेवाली शैली की आंखें बड़ी थी और हल्की चोट लगने पर बाहर निकल जाती थी। लोग उसे एलियन कहकर बुलाते थे। आंखें निकलने पर वह दर्द से बेहाल हो जाती। माता-पिता उसे स्कूल भेजने से भी डरते थे कि कहीं किसी बच्चे से धक्का लग इसकी आंखें न निकल जाए। अब शैली की आंखों का इलाज सलमान खान की संस्था बीइंग ह्यूमन करा रही है।





अब आंखें नहीं निकलतीं बाहर
शैली के पिता पिंटू कुमार ने बताया कि बेंगलुरु में इलाज कराने के बाद अब शैली की आंखें बाहर नहीं निकल रही हैं। अब तो वह आसानी से बच्चों के साथ खेलती है। मैं गार्ड की नौकरी करता हूं। सैलरी के पैसे से घर चलाना ही मुश्किल था बच्ची का इलाज कैसे कराता।
फेसबुक से मिली हेल्प
पिंटू ने बताया कि शैली को देखने के बाद एक आदमी ने फेसबुक पर फोटो डाला और लिखा कि क्या कोई शैली की हेल्प कर सकता है। वह मैसेज देख एनजीओ के लोग आए। कई डॉक्टरों से शैली की जांच कराई गई। इलाज से पहले बेटी घर से बाहर नहीं निकल पाती थी। आसपास के लोग उसे एलियन कहकर चिढ़ाते थे। एलियन सुन काफी दुख होता था। वह बहन के साथ पार्किंग में खेलती और बाहर जाने से डरती थी। शैली को लेकर कहीं जाने पर लोग घूरते थे, जिससे बुरा लगता था।








परिवार को मिली राहत
शैली की मां चांदनी देवी ने बताया कि बचपन में शैली को कोई परेशानी नहीं थी। सिर्फ आंखें बड़ी थी। उम्र बढ़ने के साथ ही इसकी परेशानी बढ़ती गई। हल्की सी चोट लगने पर आंखें बाहर आ जाती थी। इस दौरान दर्द से शैली रोने लगती थी। मैं कपड़े से आंख को अंदर करती थी। इलाज के बाद अब इस समस्या से राहत मिली है।
सलमान की संस्था ने ऐसे की मदद
एनजीओ ट्राई की प्रोग्राम एसोसिएट खुशबू सिन्हा को फेसबुक के माध्यम से शैली के बारे में पता चला। खुशबू ने अपने बॉस को बताया। उसके बाद इलाज कराने का फैसला लिया गया, लेकिन पैसे की समस्या आने लगी। खुशबू ने बताया कि सलमान खान की संस्था बीइंग ह्यूमन से संपर्क किया गया। बीइंग ह्यूमन शैली की इलाज के लिए तैयार हुई तो बेंगलुरु में जांच हुआ और फिर तीन बार ऑपरेशन किया गया।









डिस्कवरी अगले साल दिखाएगी डॉक्यूमेंट्री
शैली के बारे में मीडिया में खबर आने के बाद डिस्कवरी की टीम ने एनजीओ ट्राई से संपर्क किया। डिस्कवरी के लोगों ने बहुत से फोटोग्राफ मंगाए, इसके बाद पटना आए। पटना स्थित घर से लेकर बेंगलुरु में ऑपरेशन तक हर वक्त शूटिंग की गई। शैली पर बनी डॉक्यूमेंट्री डिस्कवरी अलगे साल दिखाने वाली है।




50-60 लाख हुआ खर्च
एनजीओ ट्राई के सचिव उत्पल दत्त ने कहा कि शैली का एक ऑपरेशन 16 साल की उम्र होने पर होगा। शैली के इलाज में सलमान की संस्था ने सहयोग किया। इलाज पर अब तक 50-60 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। राहत की बात कि शैली की बीमारी में बहुत सुधार हुआ है। उसकी पढ़ाई के लिए घर पर टीचर की व्यवस्था की गई है।




ब्रेन की कई हड्डियां गल गईं थी
शैली को आंख की एक गंभीर बीमारी क्राउजन है। ऑपरेशन करने के बाद डॉक्टरों को पता चला कि उसकी ब्रेन की कई हड्डियां गल गईं थी, जिससे उसकी आंखेंं बाहर की और निकली हुई हैं। शैली के सिर में तीन बार ऑपरेशन हो चुका है। 16 की उम्र होते ही फेस का ऑपरेशन होगा,जिससे आंख थोड़ा और अंदर हो जायेंगी।




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