सज गया छठ का बाजार, सूप,नारियल और मिट्टी के समानों की बिक्री शुरू

आस्था

पटना: दीपावली खत्म होने के साथ ही बिहार में छठ की तैयारी शुरु हो गयी है। लोक आस्था के इस महापर्व को लेकर राजधानी सहित पूरे बिहार में छठ की खरीददारी शुरु हो गयी है। छठ के समानों से बाजार सज गया है और बिहार की सड़के पर छठ की गीतों से गूंजने लगी है।

बाजार में पहुंचे छठ के समान…

-लोक आस्था के महापर्व छठ की पूजा में प्रयोग होने वाले सारी सामग्री बाजार में अब आने लगी है।
-छठ पूजा के लिए कोशी, पीतल का सूप, बांस का बना सूप,दउरा, मिट्टी का चुल्हा, साड़ी,गन्ना, नारियल और फल बाजार में आ गए हैं।
-नहाय खाय को लेकर बाजार में लौकी की कीमत बढ़ गयी है।
-पूजा में सबसे पहले व्रती इसका ही प्रयोग करती हैं।

नहाय खाय के साथ शुरु होगा छठ के चार दिनों का महापर्व

– पर्व के प्रारम्भि क चरण में प्रथम दिन व्रती स्नान कर के सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं, जिसे नहाय खाय कहा जाता है।
– ज्यादतर घरों में इस दिन चना का दाल, अरवा चावल, लौकी की सब्जी बना करता है।
– वस्तुतः यह व्रत की तैयारी के लिए शरीर और मन के शुद्धिकरण की प्रक्रिया होती है।

– सुबह सूर्य को जल देने के बाद ही कुछ खाया जाता है।
– दूसरे दिन खरना या लोहण्डा व्रत होता है, जिसमें दिन भर निर्जला व्रत रखकर शाम को खीर रोटी और फल खाती हैं।
– इस दिन नमक का प्रयोग तक वर्जित होता है।
– तीसरा दिन छठ पर्व में सबसे महत्वोपूर्ण होता है।
– संध्या अर्घ्य में भोर का शुक्र तारा दिखने के पहले ही निर्जला व्रत शुरू हो जाता है।

-दिन भर महिलाएँ घरों में ठेकुआ, पूड़ी और खजूर से पकवान बनाती हैं।
– इस दौरान पुरूष घाटों की सजावट आदि में जुटते हैं और सूर्यास्त से दो घंटे पूर्व लोग सपरिवार घाट पर जमा हो जाते हैं।

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