नीतीश कुमार ने बयां किया अपना दर्द- राजद नेता के अपमानजनक बयान ने मुझे विचलित कर दिया था

राजनीति

नीतीश कुमार ने बेझिझक इस बात को स्वीकार किया है कि महागठबंधन में उनके लिए अपमानजनक परिस्थितियां बन गयी थीं। उन्हें बहुत कुछ सहना पड़ा। नीतीश का पहला अपमान राजद नेता शहाबुद्दीन ने किया था। नीतीश ने खुद इस बात को सार्वजनिक किया।

नीतीश के मुताबिक, एक साल पहले राजद के एक नेता ने मेरे खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था। लालू जी ने इस पर कुछ नहीं कहा। उल्टे उन्होंने यह कह दिया कि वह क्या गलत बोल रहा है। मैं उसका नेता हूं। उस राजद नेता का बयान मेरे लिए अपमानजनक था लेकिन महागठबंधन को चलाने के लिए मैंने इसके सह लिया।
नीतीश कुमार ने उस घटना का जिक्र किया है जो कि राजद के कुख्यात नेता शहाबुद्दीन से जुड़ा है। राजद के पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन हत्या के मामले में 11 साल से जेल में बंद थे। पहले सीवान के जेल में बंद रहे फिर भागलपुर भेजा गया था। जमानत मिलने के बाद 10 सितम्बर 2016 को शहाबुद्दीन जेल से रिहा हुए थे।

जेल से निकलने के बाद उन्होंने एक विवादास्पद बयान दिया था। शहाबुद्दीन ने कहा था, नीतीश कुमार तो परिस्थितियों के सीएम हैं। मेरे नेता तो लालू यादव हैं। नीतीश कुमार मेरे नेता नहीं हो सकते।
शहाबुद्दीन पर हत्या, रंगदारी और अपहरण के 35 आपराधिक मामले चल रहे हैं। सात मामलों में उन्हें दोषी करार दिया जा चुका है। वर्ष 2005 में गिरफ्तारी से पहले वह राजद के सांसद थे।



शहाबुद्दीन के इस बयान से नीतीश बहुत विचलित हुए थे। वे चाहते थे कि लालू यादव इस मामले में हस्तक्षेप करें। लेकिन लालू यादव ने ये कह दिया कि शहाबुद्दीन ने क्या गलत कहा है। शहाबुद्दीन ने मुझे नेता कहा है तो इसमें एतराज की क्या बात है। लालू यादव ने बयान के उस हिस्स पर कुछ नहीं कहा जिसमें शहाबुद्दीन ने नीतीश को परिस्थितियों की सीएम बताया था। नीतीश को तभी लग गया था कि अब उनकी लालू यादव के साथ निभने वाली नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.