सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘अगर कोई भी खिलाड़ी अच्छा है तो उसे देश के लिए खेलना चाहिए और उम्र को इस लिहाज से कोई पैमाना नहीं है. महज 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैच में पदार्पण करने वाले तेंदुलकर ने इस मौके पर अपने समय को भी याद किया. उन्होंने कहा ‘जब मैंने अपना पहला मैच खेला था तब सिर्फ 16 साल का था, एक तरह से इसने मुझे मदद ही की.

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्‍लेबाज रहे सचिन तेंदुलकर का मानना है कि राष्ट्रीय टीम में चयन का पैमाना उम्र नहीं, सिर्फ प्रतिभा होनी चाहिए. उन्‍होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी अच्‍छा है तो उसे देश के लिए खेलने का मौका मिलना चाहिए और इसके लिए उम्र पैमाना नहीं होनी चाहिए. इंग्लैंड के हरफनमौला सैम कुरेन और दूसरे टेस्ट के लिए चुने गए 20 साल के बल्लेबाज ओल्ले पोप के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्‍होंने यह बात कही. उन्‍होंने युवा कुरेन और पोप को इंटरनेशनल क्रिकेट की चुनौती का पूरा मजा लेने की सलाह दी.

ईएसपीएन क्रिकइंफो से बातचीत में सचिन ने कहा, ‘अगर कोई भी खिलाड़ी अच्छा है तो उसे देश के लिए खेलना चाहिए और उम्र को इस लिहाज से कोई पैमाना नहीं है. महज 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैच में पदार्पण करने वाले तेंदुलकर ने इस मौके पर अपने समय को भी याद किया. उन्होंने कहा ‘जब मैंने अपना पहला मैच खेला था तब सिर्फ 16 साल का था, एक तरह से इसने मुझे मदद ही की. मुझे नहीं पता था कि वसीम अकरम, वकार यूनुस, इमरान खान और अब्दुल कादिर जैसे उस समय के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों का सामना करके कैसा लगता है.’’

तेंदुलकर को लगता है कि युवा बल्लेबाजों को अंतरराष्ट्रीय मैच में मौका देना अच्छी बात है. उन्होंने कहा, ‘जब आप युवा और निडर होते है तो आपका ध्यान सिर्फ सिक्के के एक पहलू की तरफ होता है लेकिन अनुभव और परिपक्वता से आप चीजों को संतुलित करने के लिए दूसरे पहलुओं के बारे में सोचने लगते है.’ उन्होंने कुरेन और पोप से इस चुनौती का लुत्फ उठाने की सलाह देते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को आकर्षक बनाने को कहा. उन्होंने कहा, ‘ये ऐसी उम्र है जब आप कुछ और नहीं सोचते और आपका ध्यान सिर्फ अच्छा करने पर होता है. आपको मुश्किल हालात का सामना करना पड़ सकता है लेकिन आप इसी चीज के लिए खेलते है.

गौरतलब है कि सेम कुरेन ने भारत के खिलाफ बर्मिंघम टेस्‍ट में गेंद और बल्‍ले के साथ अपने प्रदर्शन से हर किसी को प्रभावित किया था. उन्‍होंने मैच में पांच विकेट हासिल करने के साथ ही पहली पारी में 24 और दूसरी पारी में 63 रन की पारी खेली थी. दूसरी पारी में उनकी ओर से खेली गई 63 रन की पारी ने इंग्‍लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. कुरेन की इस पारी की बदौलत इंग्‍लैंड दूसरी पारी में लड़खड़ाते हुए 180 रन के स्‍कोर तक पहुंचने में कामयाब रहा था.

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