इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट के नियमों में कुछ नए बदलाव किए हैं। ये रूल्स 28 सितंबर से होने वाले सभी इंटरनेशनल मैचों पर लागू हो जाएंगे। ये बदलाव बैट की मोटाई, प्लेयर को मैदान से बाहर भेजने, कैच लेने, रन आउट करने और DRS से जुड़े हुए हैं।

नियमों में बदलाव के बाद इनका सबसे पहला असर साउथ अफ्रीका-बांग्लादेश टेस्ट सीरीज के अलावा पाकिस्तान-श्रीलंका टेस्ट सीरीज पर पड़ेगा। वहीं भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही वनडे सीरीज पुराने रूल्स के हिसाब से खेली जाने वाली आखिरी सीरीज होगी।

अंपायर कर सकेगा प्लेयर को बाहर…

 नियमों में हुए नए बदलाव के बाद अब अंपायर किसी प्लेयर को मैदान पर हिंसक बर्ताव करने पर बाकी बचे मैच से बाहर भी कर सकता है। नए बदलाव के बाद इस तरह के बिहेवियर को लेवल 4 का अपराध माना जाएगा।
– ये सारे बदलाव क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने किए हैं।
– क्रिकेट के नियमों में बदलाव की ये सिफारिशें बीते साल दिसंबर में एमसीसी ने की थीं, इसके लिए मुंबई में एक मीटिंग हुई थी।
नमें से कुछ करने पर अंपायर कर सकता है प्लेयर को बाहर
– बार-बार अनुशासनहीनता करने पर।
– अंपायर को धमकी या उसके साथ हाथापाई करने की स्थिति में।
– प्लेयर्स, ऑफिशियल्स या विजिटर्स के साथ हिंसा करने पर।
– खेल के दौरान मैदान पर किसी भी प्रकार का हिंसक बर्ताव करते पाए जाने पर।
DRS में हुए ये बदलाव
 नए बदलावों के बाद से अब टी-20 क्रिकेट में भी टीम DRS का इस्तेमाल कर सकेंगी। अबतक टी-20 क्रिकेट में DRS मौजूद नहीं था।
– इसके अलावा नए बदलाव के तहत DRS लेने पर ‘अंपायर्स कॉल’ की वजह से फैसला नहीं बदला गया है, तो भी DRS लेने वाली टीम का रिव्यू खत्म नहीं होगा। जबकि अबतक इस कंडीशन में भी रिव्यू खत्म हो जाता था।
– वहीं नए बदलाव के तहत टेस्ट मैचों में एक इनिंग में 80 ओवर के बाद अब से टॉपअप रिव्यू नहीं होंगे। इसका मतलब ये हुआ कि अब एक इनिंग में किसी टीम को दो रिव्यू से ज्यादा रिव्यू नहीं मिलेंगे।
तो बैट्समैन नहीं होगा रन आउट
रनआउट के नियम में भी एक बड़ा बदलाव हुआ है, जो कि बैट्समैन के फेवर में किया गया है।
– नए नियम के मुताबिक डाइव लगाकर क्रीज में पहुंचने के बाद भी, अगर बेल्स गिरते वक्त बैट्समैन का बैट या बॉडी का कोई हिस्सा हवा में रह जाता है तो उसे आउट नहीं माना जाएगा।
– इस नियम के तहत पहले बैट्समैन का क्रीज के अंदर पहुंचना जरूरी है
बैट की मोटाई भी हुई फिक्स
नए बदलाव के तहत बैट की मोटाई को भी सीमित कर दिया गया है। पहले से तय बैट की लंबाई और चौड़ाई में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
– बदलाव के बाद कोई भी बैट्समैन ऐसा बैट इस्तेमाल नहीं कर सकता जिसकी मोटाई कॉर्नर पर 40mm से ज्यादा हो। वहीं ओवरऑल बैट की मोटाई मैक्सिमम 67mm ही रह सकती है।
– बैट की जांच के लिए अंपायर्स को ‘बैट गेज’ दिया जाएगा, जिससे वे शक होने पर बैट को चेक कर सकेंगे।
हेलमेट से लगी बॉल तो भी आउट
नए नियम के तहत अगर फील्डिंग के दौरान बॉल विकेटकीपर या किसी फील्डर के हेलमेट से टकराकर उछलती है, तो उस हालत में भी उसे कैच, स्टम्पिंग या रन आउट किया जा सकेगा।
बाउंड्री पर कैच का नया नियम
बाउंड्री पर कैच लेने को लेकर भी नियम में कुछ बदलाव किए गए हैं। अब फील्डर्स के लिए जरूरी होगा कि जब वो बॉल को हवा में लपकें तो उन्होंने बाउंड्री के अंदर ही बॉल को कैच कर लिया हो।
– बाउंड्री के बाहर कैच लेने पर उसे कैच ना मानकर बाउंड्री माना जाएगा और बैट्समैन को छह रन दे दिए जाएंगे।

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