मार्च से पहले दुरुस्त हो जायेंगी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़कें

खबरें बिहार की

पटना: राज्य के विभिन्न जिलों में आयी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों को दुरुस्त करने की तैयारी शुरू हो गयी है. इसके लिए पथ निर्माण विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है. बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों को मार्च से पहले दुरुस्त कर लिये जाने की संभावना है.

बाढ़ से लगभग दो सौ से अधिक सड़कें विभिन्न जिले में क्षतिग्रस्त हुई थीं. सबसे अधिक अररिया जिले में 27 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं. विभागीय सूत्रों के अनुसार लगभग 700 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं. क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम छठ के बाद शुरू करने का निर्णय लिया गया था. इसके लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस संबंध में संबंधित जिले के प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं.

सात दिनों के अंदर एस्टीमेट तैयार कर लेने के बाद टेंडर जारी कर दिये जायेंगे. ओपीआरएमसी के तहत मेंटेन हो रही सड़कों के क्षतिग्रस्त होने पर ओपीआरएमसी कांट्रैक्टर द्वारा सड़कों को दुरुस्त करनी है. बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों को 15 दिसंबर तक दुरुस्त करने के लिए कहा गया है. ओपीआरएमसी या सीएमबीडी में जो सड़कें शामिल नहीं है, उन क्षतिग्रस्त सड़कों को भी जनवरी तक दुरुस्त करने की जिम्मेदारी दी गयी है.

दो सौ सड़कें हुईं क्षतिग्रस्त

बाढ़ से 13 जिले में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं. पथ निर्माण विभाग के 16 प्रमंडलों में दौ सौ ज्यादा सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं. सबसे अधिक अररिया डिविजन में 27 सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं. पूर्वी चंपारण में 23 सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं. जानकारों के अनुसार लगभग 700 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं. क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण पर लगभग एक हजार करोड़ खर्च का अनुमान है. विभागीय सूत्र ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम एफडीआर से होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published.