पटना: राजद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बिहार में अपने सहयोगी वाम दलों और भाजपा की दुश्मन नंबर एक तृणमूल में किसी एक को चुनने की चुनौती का सामना कर रहा है. राजद नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में नेताओं ने इन पार्टियों से कई दौर की बात की है. हालांकि, अब तक उसका कोई एक चुनावी साझीदार नहीं बन सका है.

अलबत्ता यह तय है कि वह भाजपा को हराने के लिए संभवत: पांच सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारने जा रहा है. नयी दिल्ली में मंगलवार और बुधवार को लगातार दो दिन राजद के शीर्ष नेताओं की बैठक भी हुई. सूत्रों के मुताबिक तय किया गया कि राजद पांच सीट पर अपने प्रत्याशी उतारेगा. जहां वह भाजपा को सियासी मात दे सके. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक राजद उन सीटों पर भाजपा का खेल बिगाड़ेगा, जहां जदयू या हम उसे मदद करेंगे.

राजद भाजपा को हराने के लिए तृणमूल की तरफ झुक रहा है,लेकिन उसके लिए परेशानी यह है कि बिहार में उसके सहयोगी वाम दल वहां उससे मदद की उम्मीद कर रह हैं. राजद इसे नकार नहीं पा रहा है. चूंकि तृणमूल और वाम दलों वहां एक दूसरे के विरोध में उतर रहे हैं,इसलिए राजद को निर्णय करने में दिक्कत आ रही है. फिलहाल राजद सीमांचल से सटे बंगाल के जिलों में पांच सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारने जा रही है.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल और असम चुनाव के मद्देनजर राजद की रणनीति क्या होगी? इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नयी दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं के साथ बैठक की है. बैठक में राष्ट्रीय प्रधान सचिव अब्दुल बारी सिद्धिकी ,राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक, राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा और नेता प्रतिपक्ष के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव उपस्थित रहे. पार्टी ने असम में अपना साझीदार ढूंढ़ लिया है. जल्दी ही उसकी औपचारिक घोषणा कर दी जायेगी.

इधर, दिल्ली में मौजूद महाराष्ट्र के क्षत्रप शरद पवार से भी तेजस्वी यादव ने मुलाकात की है. देश के राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा के बहाने राजद नेता ने उनसे बंगाल चुनाव के बारे में भी रणनीतिक चर्चा की. तेजस्वी ने राकांपा नेता सुप्रिया सुले भी मुलाकात की है.

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