लालू परिवार के अलावा किसी और RJD नेता को क्यों नहीं मिलता बड़ा पद ?

राजनीति

तेजस्वी यादव, सिद्दीकी जी ! सिद्दीकी जी ! बुलाते रहे लेकिन वे नहीं आये…

बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार के विश्वास मत जीतने के बाद राजद के विधायक बाहर निकले। पत्रकारों ने प्रतिक्रिया पूछी तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा आगे आइए। पत्रकार बिहार विधानसभा के परिसर में एक जगह जमा हो गये। मीडिया को ब्रीफ करने के लिए तेजस्वी खड़ा हुए। उनके साथ तेजप्रताप, और भाई वीरेन्द्र खड़े थे। इस बीच बीच तेजस्वी ने एक विधायक से कहा, सिद्दीकी जी को बुलाइए। तेजस्वी इंतजार कर रहे थे कि सिद्दीकी जा आएं तो प्रेसवार्ता शुरू करें। जब कुछ विलंब हुआ तो तेजस्वी ने फिर एक विधायक से कहा, सिद्दीकी जी को बुलाइए। तब किसी ने बताया कि अब्दुल बारी सिद्दीकी एक संवाददाता से बात कर रहे हैं। इसके बाद तेजस्वी ने बिना सिद्दीकी के आए ही मीडिया से बात की।

अब्दुल बारी सिद्दीकी बाइट देने के बाद तेजस्वी के साथ खड़े हो सकते थे। लेकिन वे नहीं आये। एक बात गौर करने की है जब से तेजस्वी विवाद उभरा उसके बाद राजद के दूसरे नेता तो मुखर रहे लेकिन सिद्दीकी उतने सक्रिय नहीं रहे।
आज सदन में विश्वास मत पर चर्चा के दौरान भाजपा नेता नंदिकिशोर यादव ने कहा कि महागठबंधन में डिप्टी सीएम अब्दुल बारी सिद्दीकी को बनना चाहिए था। लेकिन लालू यादव ने पुत्र मोह में ऐसा होने नहीं दिया। अब सवाल उठता है कि क्या राजद में लालू परिवार के अलावा किसी दूसरे नेता को बड़ा पद नहीं मिल सकता। राजद में वरिष्ठता का कोई महत्व नहीं है। लालू यादव के पुत्र होने के कारण तेजस्वी यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया था।

फिर पार्टी में दूसरे स्थान पर लालू के बड़े पुत्र तेजप्रताप को खड़ा किया गया। अब्दुल बारी सिद्दीकी को तीसरा स्थान दिया गया था। 26 साल के तेजस्वी, 27 साल के तेजप्रताप के सामने राजद के सबसे अनुभवी विधायक सिद्दीकी तीसरे स्थान पर ढकेल दिये गये। सरकार गिरने के बाद जब नेता प्रतिपक्ष का सवाल आया तो तेजस्वी फिर आगे आ गये।
लालू यादव अब तेजस्वी को बड़े नेता के रूप में प्रमोट करने के लिए हर एक कोशिश कर रहे हैं। गुरुवार को वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने तेजस्वी यादव का इंटरव्यू किया था। आमतौर पर राजदीप किसी नेता का हिन्दी में इतना लंबा इंटरव्यू नहीं करते। लेकिन उन्होंने किया। कहा जाता है कि तेजस्वी के कद को बढ़ाने के लिए यह इंटरव्यू प्लांट किया गया था।

आज शिवानंद तिवारी ने जो कहा उससे इस आशंका को बल मिलता है। शिवानंद ने पत्रकारों से कहा कि आप ने देखा था तेजस्वी का वो इंटरव्यू ? इस इंटरव्यू के बाद मैंने राजदीप सरदेसाई से पूछा, राजदीप लड़का कैसा लगा ? राजदीप ने कहा, वो आगे जाएगा। यानी शिवानंद तिवारी इस बात को स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे कि तेजस्वी यादव को एक अच्छे वक्ता हैं। तो क्या राजद के किसी और विधायक को वहां कोई बड़ा मौका नहीं मिलने वाला ?

Leave a Reply

Your email address will not be published.