अजहर और अनिल कुंबले ने अजीत वाडेकर को बताया ‘पितातुल्‍य’, सचिन बोले सलाह और मार्गदर्शन के लिये सदैव उनके आभारी रहेंगे

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टीम के इंडिया के मैनेजर कम कोच पद कर रहते हुए वाडेकर ने तेंदुलकर को वनडे क्रिकेट का सलामी बल्लेबाज बनाने में अहम भूमिका निभाई. वाडेकर के कार्यकाल में ही अजहर के कैरियर को 1993 से 1996 के बीच नया जीवन मिला. इससे पहले न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में सीरीज हारकर वह खराब दौर से जूझ रहे थे. इंग्लैंड के 1990 दौरे के बाद टीम से बाहर किए गए कुंबले के लिए तो वाडेकर फरिश्ते से कम नहीं थे.

मोहम्मद अजहरुद्दीन और अनिल कुंबले के कैरियर को अजीत वाडेकर के मैनेजर कम कोच रहते हुए नई ऊंचाई मिली थी. भारतीय क्रिकेट के दिग्‍गज क्रिकेटर वाडेकर के निधन पर इन दोनों पूर्व क्रिकेटरों ने गहरा दुख जताते हुए उन्‍हें ‘पितातुल्य’ बताया है. मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर ने वाडेकर को याद करते हुए अपने संदेश में कहा कि भारत के पूर्व कप्तान का उन पर गहरा प्रभाव था. भारत को 1971 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में जीत दिलाने वाले वाडेकर का लंबी बीमारी के बाद कल मुंबई में 77 बरस की उम्र में निधन हो गया.

वाडेकर को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए तेंदुलकर ने ट्विटर पर लिखा, ‘अजित वाडेकर सर के निधन का समाचार सुनकर बहुत दुखी हूं. 90 के दशक में हमसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने में उन्होंने सूत्रधार की भूमिका निभाई. उनकी सलाह और मार्गदर्शन के लिये हम सदैव उनके आभारी रहेंगे. ईश्वर उनके परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति दे.’

गौरतलब कि टीम के इंडिया के मैनेजर कम कोच पद कर रहते हुए वाडेकर ने तेंदुलकर को वनडे क्रिकेट का सलामी बल्लेबाज बनाने में अहम भूमिका निभाई. वाडेकर के कार्यकाल में ही अजहर के कैरियर को 1993 से 1996 के बीच नया जीवन मिला. इससे पहले न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में सीरीज हारकर वह खराब दौर से जूझ रहे थे. अजहर ने ट्वीट किया,‘महान इंसान. उनके निधन से काफी दुखी हूं. सर (वाडेकर) मेरे लिये पितातुल्य थे. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे. परिवार को मेरी संवेदनायें.’इंग्लैंड के 1990 दौरे के बाद टीम से बाहर किए गए कुंबले के लिए तो वाडेकर फरिश्ते से कम नहीं थे. उनकी वापसी दक्षिण अफ्रीका के 1992-93 के दौरे पर हुई जब वाडेकर मैनेजर बने. इसके बाद 2008 में संन्यास तक कभी भी किसी भी मैच से उन्हें बाहर नहीं किया गया.

कुंबले ने लिखा,‘अजित वाडेकर के निधन से काफी दुखी हूं. वह पूरी टीम के लिये कोच से बढ़कर थे. पिता के समान और चतुर रणनीतिकार. उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं. उनकी कमी खलेगी. मेरी क्षमता में विश्वास जताने के लिये आपका शुक्रिया सर. ’संजय मांजरेकर ने मुंबई में शिवाजी पार्क जिमखाना में चैरिटी मैच के लिये क्रिकेट जर्सी पहने वाडेकर की तस्वीर डाली है. उन्होंने कहा,‘भारतीय क्रिकेट पर अजित वाडेकर का गहरा प्रभाव है. उनके समकालीन उनकी पूजा करते थे. उनका ऐसा व्यक्तित्व था. कोच के रूप में वह काफी सख्त थे. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे.’ महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने कहा,‘अजित वाडेकर के निधन की खबर काफी दुखद है. लगातार तीन सीरीज जीतने वाले अकेले भारतीय कप्तान. हमारे बीच मतभेद रहते थे लेकिन उस महान बल्लेबाज के लिये हमेशा सम्मान रहा. भारतीय क्रिकेट की खिलाड़ी, चयनकर्ता और कोच के रूप में उन्होंने अपार सेवा की.

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