रेप केस हुआ तो कागज पर मरा टीचर, अर्थी पर फोटोशूट कराया, लेकिन चालाकी ऐसे पकड़ी गई

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बिहार के भागलपुर जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां रेप के आरोपी एक शिक्षक ने जेल जाने से बचने के लिए मरने का नाटक रच दिया। इतना ही नहीं वह कफन ओढ़कर चिता पर लेट गया और अपने पिता से मुखाग्नि भी दिलवाई। इस आधार पर उसने अपना मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया और फिर कोर्ट में जमा कर दिया। मामला सामने आने के बाद आरोपी शिक्षक ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

आरोपी शिक्षक इशीपुर बाराहाट थाना इलाके का रहने वाला है। सोमवार को उसने स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में सरेंडर किया। जहां से उसे 14 दिनों के लिए जेल भेजा गया। उस पर 14 अक्टूबर 2018 को नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में केस दर्ज हुआ था।

एफआईआर होने के बाद जेल जाने से बचने के लिए शिक्षक ने खुद के मौत की नकली कहानी गढ़ ली और बकायदा कफन ओढ़कर चिता पर लेट गया। फिल्मी स्टाइल में उसके पिता ने ‘मृत’ बेटे के चिता को आग देने की तस्वीर भी खिंचवा ली। उसके आधार पर उसने पंचायत सचिव से अपने बेटे का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। उसके पिता ने डेथ सर्टिफिकेट और श्मशान घाट पर लकड़ी खरीदने की रसीद के साथ कोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर दिया।

कोर्ट ने केस बंद किया, फिर ऐसे खुला पूरा मामला

आरोपी शिक्षक के पिता ने 27 फरवरी 2022 को उसकी फर्जी मौत की जानकारी देते हुए 19 अप्रैल 2022 को मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करा लिया था। इस डेथ सर्टिफिकेट के आधार पर कोर्ट ने केस बंद कर दिया गया। लेकिन पीड़िता के परिजन और शपथपत्र बनाने वाले अधिवक्ता उमेश प्रसाद ने जब जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के यहां शिकायत की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।

इस मामले में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी रवि रंजन राकेश की रिपोर्ट ने पूरे रहस्य से पर्दा उठा दिया। जांच में ही पता चला कि नीरज के खिलाफ मुकदमा पॉक्सो केस संख्या 5754/2018 (टीआर-232/20) स्पेशल कोर्ट में है। इस मामले में एफआईआर होने के बाद राजाराम कुछ दिन पहले ही जेल भेजा गया था।

 

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