धोनी के समर्थन में उतरे एक्टर परेश रावल, लिखा- ‘BCCI को बोल देना चाहिए भाड़ में जाए ICC’

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विश्व कप 2019 (Cricket World Cup 2019) में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में एमएस धोनी (MS Dhoni) ने सेना के चिन्ह (Army Insignia) वाले ग्लव्स को पहना था.  एमएस धोनी (MS Dhoni) के ऐसा करने पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है. फैंस जहां धोनी के समर्थन में खड़े हैं तो वहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने  एमएस धोनी (MS Dhoni) के  ग्लव्स उतरवाने को कहा है.

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर परेश रावल (Paresh Rawal) भी अब एमएस धोनी (MS Dhoni) के समर्थन में उतर गए हैं. उन्होंने कहा है कि बीसीसीआई को इस मामले में धोनी का समर्थन करना चाहिए. परेश रावल (Paresh Rawal) के इस ट्वीट पर खूब रिएक्शन आ रहे हैं.

परेश रावल (Paresh Rawal) वैसे भी बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं. इससे पहले प्रशासकों की समिति (सीओए) ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से अपील करते हुए कहा कि वे विकेटकीपर एमएस धोनी (MS Dhoni) के दस्तानों पर बने सेना के चिन्ह को मंजूरी दे. इंग्लैंड एंड वेल्स में जारी विश्व कप में भारत के पहले मैच में  एमएस धोनी (MS Dhoni) को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विकेटकीपिंग दस्तानों पर भारतीय पैरा स्पेशल फोर्स के चिह्न् का इस्तेमाल करते देखा गया था. इसके बाद, आईसीसी ने बीसीसीआई से कहा था कि वह धोनी के दस्तानों पर से यह चिह्न् हटवाए. मुंबई में शुक्रवार को सीओए की बैठक में एक सदस्य ने कहा कि मंजूरी की मांग की गई है ताकि धोनी अपने दस्तानों को पहन सकें. 

आईसीसी के एक अधिकारी ने कहा कि परिषद को अगर बीसीसीआई यह समझाने में सफल हो पाता है कि ‘बलिदान ब्रिगेड के चिह्न्’ से किसी प्रकार की राजनीतिक या धार्मिक संवेदनाएं नहीं जुड़ी हुई है तो बोर्ड के अपील पर विचार किया जा सकता है. आईसीसी के महाप्रबंधक, रणनीति समन्वय, क्लेयर फरलोंग ने आईएएनएस से कहा था, “हमने बीसीसीआई से इस चिह्न् को हटवाने की अपील की है.” धोनी के दस्तानों पर ‘बलिदान ब्रिगेड’ का चिह्न् है. सिर्फ पैरामिलिट्री कमांडो को ही यह चिह्न् धारण करने का अधिकार है. बता दें कि  एमएस धोनी (MS Dhoni) को 2011 में पैराशूट रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद उपाधी मिली थी. धोनी ने 2015 में पैरा ब्रिगेड की ट्रेनिंग भी ली है.

इस पर हालांकि सोशल मीडिया पर  एमएस धोनी (MS Dhoni)की काफी तारीफ हो रही है, लेकिन आईसीसी की सोच और नियम अलग हैं.  आईसीसी के नियम के मुताबिक, “आईसीसी के कपड़ों या अन्य चीजों पर अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान राजनीति, धर्म या नस्लभेदी जैसी चीजों का संदेश नहीं होना चाहिए.”

Sources:-NDTV

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